फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hardoi News: पीएफएडी की जांच में आईटीआई की लागत 3.89 करोड़ बढ़ी

विज्ञापन
फोटो 12: शाहाबाद में आईटीआई परिसर में उगी झाड़ी और घास। संवाद
विज्ञापन
हरदोई। तकनीकी प्रशिक्षण देकर युवाओं के कौशल को निखारने और रोजगार से जोड़ने के लिए वर्ष 2014 में मल्टी सेक्टोरल डेवलपमेंट प्रोग्राम (एमएसडीपी) में स्वीकृत आईटीआई का निर्माण 12 साल बाद पूरा हो पाया है। परियोजना निर्माण एवं मूल्यांकन प्रभाग (पीएफएडी) से कराई गई जांच में निर्माण की लागत में बड़ा इजाफा सामने आया है। पांच करोड़ रुपये से प्रस्तावित आईटीआई की पुनरीक्षित लागत अब 8.89 करोड़ रुपये हो गई। लागत में करीब 3.89 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
विज्ञापन


शाहाबाद में राजकीय आईटीआई की स्थापना के लिए वर्ष 2014 में मंजूरी मिली थी। केंद्र सरकार के एमएसडीपी में आईटीआई की स्थापना की अनुमानित लागत पांच करोड़ रुपये तय की गई। निर्माण के लिए वर्ष 2014 और 2017 में 2.50-2.50 करोड़ रुपये भी उपलब्ध कराए गए। बावजूद इसके 11 साल तक काम पूरा नहीं हो सका। समय बीतने के साथ निर्माण लागत बढ़ती गई और अब परियोजना की पुनरीक्षित लागत 8.89 करोड़ रुपये हो गई है।
पीएफएडी की रिपोर्ट पर साल 2025 में राजकीय आईटीआई की पुनरीक्षित लागत में स्वीकृति का प्रस्ताव शासन को भेजा गया। शासन के संयुक्त सचिव मनोज वर्मा ने पुनरीक्षित लागत की स्वीकृति का पत्र भी जारी कर दिया। आईटीआई भवन पूरा होने के साथ ही अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस से व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता विभाग को हस्तांतरित करा दिया है। वहीं यहां पर अब आईटीआई की कई ट्रेडों में प्रशिक्षण भी शुरू कराया गया है। वहीं पानी की टंकी को भी बनवाया जा रहा है। (संवाद)
विज्ञापन


समय से बनती तो पूरी हो जाती 18 बैच की पढ़ाई
आईटीआई भवन समय से तैयार हो जाता तो अब तक दो साल वाले छह बैच और एक साल वाले 12 बैच की पढ़ाई पूरी हो चुकी होती। स्थानीय युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण के लिए जिला मुख्यालय की दौड़ नहीं लगानी पड़ती।

मिट्टी भराव पर भी 22.75 लाख का खर्च
आईटीआई परिसर में मिट्टी भराव भी कराया जाना है। इसके लिए पुनरीक्षित लागत से अलग एस्टीमेट तैयार किया गया। शासन ने इस काम के लिए अलग से 22.75 लाख रुपये की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति भी दी है।

युवाओं के हित को देखते हुए शाहाबाद में आईटीआई भवन को पूरा होने के साथ ही हस्तांतरित करा दिया गया है ताकि वहां पर नियमित प्रशिक्षण हो सके। वहीं भवन और परिसर के अन्य कामों को जल्द पूरा कराने के निर्देश कार्यदायी संस्था को दिए गए हैं। -अनुनय झा, जिलाधिकारी

फोटो 12: शाहाबाद में आईटीआई परिसर में उगी झाड़ी और घास। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें