पिहानी (हरदोई)। छिपीटोला मोहल्ले में एक जमीन पर शव दफनाने को लेकर दो पक्ष आमने सामने आ गए। एक पक्ष जमीन को कब्रिस्तान की जमीन बता रहा है तो दूसरा अपनी निजी जमीन कह रहा है। मौके पर पहुंची पुलिस भी मामले का निपटारा नहीं करा सकी। विवाद के कारण देर शाम तक शव दफनाया नहीं जा सका था।
छिपीटोला मोहल्ले के सईद की पत्नी परवीन का गुरुवार सुबह निधन हो गया था। शव दफनाने की तैयारी चल रही थी। जिस जमीन पर शव दफन करने की तैयारी थी, उसको लेकर विवाद शुरू हो गया। दूसरे पक्ष की शिकायत पर पुलिस पहुंच गई। सईद ने पुलिस को बताया कि जिस जमीन की शिकायत है वह उनका पुश्तैनी कब्रिस्तान है। उसी में कई पूर्वजों की कच्ची-पक्की कब्रें हैं।
दूसरे पक्ष के रफीक अंसारी जमीन को अपनी बता रहे थे। उनका कहना था कि जमीन का विवाद हाईकोर्ट में विचाराधीन है और उनके पक्ष में स्टे भी मिला है। विवाद के चलते देर शाम तक शव दफनाया नहीं गया था। कोतवाल परशुराम सिंह का कहना है कि दोनों पक्ष दो अलग- अलग नंबरों पर अपनी अपनी दावेदारी कर रहे हैं। 2378 नंबर की जमीन पर कब्रिस्तान है। उसी में शव दफनाए जाने की तैयारी है, जबकि 83/3 पर हाईकोर्ट का स्टे है। ये जमीन कहां है ये स्पष्ट नहीं हो पाया है। संबंधित पक्ष से तहसील स्तर से अपनी जमीन का नंबर व नाप आदि कराए जाने की सलाह दी गई है। दूसरे पक्ष से पुरानी कब्रों के आसपास ही शव दफनाने को कहा गया है।