हरदोई। लोनार थाना क्षेत्र के सवायजपुर कस्बा में सोमवार को गोली से पाली थाना क्षेत्र निवासी युवक की मौत हो गई थी और युवती घायल हुई थी। मृतक के परिजनों ने युवती और उसके पति पर युवक की हत्या कर अंगूठी, चेन व डेढ़ लाख रुपये छीनने का आरोप लगाया है। मंगलवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
पाली थाना के खितौली निवासी राम किशोर यादव का बेटा सत्यवीर यादव (32) ने सवायजपुर में करीब एक साल से किराये पर दुकान ले रखी थी। दुकान मालिक की बेटी भी पड़ोस की दुकान में ब्यूटी पार्लर चलाती थी। दोनों के बीच प्रेम प्रसंग हो गया था। इसके चलते सत्यवीर युवती के घर आता-जाता था।
17 अप्रैल को युवती की शादी हो गई थी। कुछ दिन पहले वह ससुराल से मायके आ गई थी। मंगलवार को युवती की विदाई थी। सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे सत्यवीर युवती के घर गया था। करीब 15 मिनट बाद ही गोली चलने की आवाज पर पड़ोसी पहुंचे तो कमरे में सत्यवीर की लाश पड़ी थी।
उसक ी बायीं कनपटी पर गोली लगी थी। युवती भी बायीं कनपटी में गोली लगने से घायल पड़ी थी। युवती की मां की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां पर हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने युवती को लखनऊ रेफर कर दिया था।
पुलिस ने कमरे से तीन असलहा और दो खोखे कारतूस बरामद किए थे। अस्पताल में पुलिस ने युवती के बयान दर्ज किए थे। जिसमें उसने बताया था कि सत्यवीर रुपये मांगने आया था। रुपये नहीं देने पर पहले उसे गोली मार दी फिर खुद को गोली मार ली।
पुलिस ने युवती की तहरीर पर मृतक के खिलाफ ही रिपोर्ट दर्ज की थी। मंगलवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। मृतक के भाई राजवीर का कहना है कि सोमवार को सत्यवीर को टेंपो के चालान का 85 हजार रुपये जमा करना था और कुछ रुपये बैंक में जमा करने थे। उसने मां से डेढ़ लाख रुपये लिए थे।
बताया कि उसे भी कुछ काम था। इसके चलते सत्यवीर के साथ ही दुकान पर आया था। क रीब 12 बजे दुकान मालिक की बेटी ने फोन कर सत्यवीर को घर बुलाया था। राजवीर ने बताया कि उसके जाने के बाद वह भी घर चला गया था। दोपहर करीब दो बजे जानकारी मिलने पर घटनास्थल पर पहुंचा था।
बताया कि पुलिस को तलाशी में सत्यवीर के पास से रुपये नहीं मिले थे। इसके साथ ही तीन अंगूठी व चेन भी नहीं थी। राजवीर ने युवती उसके पति व दो अन्य पर रुपयों के लालच में गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगाया है। एसओ ओपी सिंह ने बताया कि इस संबंध में मृतक के परिजनों की तरफ से उन्हें तहरीर नहीं मिली है।