गिरफ्त में आए शातिरों के बारे में जानकारी देते एसपी विपिन मिश्र, साथ में खुलासा करने वाली पुलिस टीम। अमर उजाला
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खाकी वर्दी में खुद को जज का पैरोकार बताकर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले बर्खास्त सिपाही को पुलिस ने उसके साथी समेत गिरफ्तार किया है। शातिर ने हरदोई में ही नहीं, बल्कि लखनऊ, कानपुर नगर, कानपुर देहात, बरेली, बाराबंकी, गोंडा, बहराइच, औरैया आदि जिलों के साथ राजस्थान में भी नौकरी की चाहत रखने वालाें को शिकार बनाया। शातिर को गिरफ्तार करने वाली स्वॉट टीम को एसपी ने 25 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
30 मार्च को शहर के रामजानकी मंदिर के पुजारी मैथिलीशरण शास्त्री ने शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि जिला जज हरदोई के कार्यालय में चपरासी की नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे 50 हजार रुपये की ठगी की गई है। उन्होंने पुलिस को बताया था कि ठगी करने वाला पुलिस की वर्दी में था और सिपाही के रूप में ही मिलता था। इस पर एसपी विपिन मिश्र ने खुलासे को स्वॉट टीम के प्रभारी निरीक्षक आलोक सिंह को लगाया था। पुलिस ने जाल बिछाकर घटना को अंजाम देने वाले हमीरपुर जिले के मौदहा थाना क्षेत्र के ग्राम गुसियारी निवासी अब्दुल वहीद पुत्र कल्लू खां और रामबाबू पुत्र सीताराम को गुरुवार सुबह बिलग्राम चुंगी के पास गिरफ्तार कर लिया। उसका एक साथी सुल्तान पुत्र उस्मान निवासी गुसियारा, थाना मौदहा, हमीरपुर फरार है।
अब्दुल वहीद के कब्जे से पुलिस को चोरी की बाइक, दो मोबाइल फोन और 40 सिमकार्ड भी मिले हैं। पुलिस लाइन में पत्रकारों को एसपी मिश्र ने बताया कि अब्दुल वहीद वर्ष 1990 बैच का आरक्षी था। वर्ष 2002 में उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। बर्खास्तगी के बावजूद वह पुलिस की वर्दी में रहता था और ठगी की घटनाओं को अंजाम देता रहता था। उसके विरुद्ध लगभग एक दर्जन जनपदों में अलग-अलग थाना क्षेत्रों में ठगी की रिपोर्ट दर्ज है। एसपी ने आईजी से भी पुरस्कार की सिफारिश करने की बात कही है। खुलासा करने वाली टीम में आलोक सिंह के अलावा कोतवाली शहर के दरोगा योगेश कुमार, स्वॉट टीम के सिपाही रमापति दिवाकर, मोहम्मद गुफरान, दीपक, संजीव मलिक, मोहम्मद इरफान, सिपाही अंकित कुमार और राजवीर सिंह शामिल हैं।