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20 लाख में दी थी संजय की हत्या की सुपारी

Tue, 10 Jan 2017 11:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
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पुलिस लाइन में पूर्व प्रमुख संजय मिश्र की हत्या का खुलासा करते एसपी राजीव मल्होत्रा, एएसपी पूर्वी बीसी दुबे, सिओ सिटी अजीत सिंह चौहान। - फोटो : amarujala
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हरदोई। सुरसा के पूर्व ब्लॉक प्रमुख संजय मिश्रा की हत्या की सुपारी करीब डेढ़ साल पहले 20 लाख रुपये में दी गई थी। बरेली जेल में सुपारी राजू भदैचा ने बदायूं के बदमाश अखिलेश यादव को दी थी। 2015 में जेल में छूटने के बाद से अखिलेश चार अन्य साथियों के साथ लगातार संजय की रेकी कर रहा था। 28 दिसंबर को मौका मिलने पर हरिशंकर मिश्र कॉलेज जाकर गोली मारकर संजय की हत्या कर दी। पुलिस ने सुपारी लेने वाले अखिलेश सहित तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है और दो अभी फरार हैं।
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सुरसा के पूर्व ब्लॉक प्रमुख संजय मिश्र (45) की हत्या 28 दिसंबर की सुबह मलिहामऊ स्थित हरिशंकर मिश्र डिग्री कॉलेज में गोली मारकर कर दी गई थी। बाइक से आए तीन युवकों ने आंखों में मिर्च झोंककर दो गोलियां मारी थीं। संजय के छोटे भाई  श्यामजी की तहरीर पर भदैचा गांव निवासी राजेंद्र सिंह उर्फ राजू, उनके भतीजे पवन, पंकज और एक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। एसपी राजीव मल्होत्रा ने मंगलवार को पुलिस लाइन में पत्रकारों से समक्ष वारदात का खुलासा किया।

एसपी ने बताया कि संजय मिश्रा की साजिश करीब डेढ़ साल पहले बरेली जेल में रची गई थी। उस समय राजू भदैचा और अखिलेश उर्फ आकाश यादव निवासी बरेली जेल में बंद थे। अखिलेश बदायूं जिले के थाना फैजगंजबेहटा के सैंडोला गांव का निवासी है। एसपी का दावा है कि राजू ने संजय मिश्रा की हत्या के लिए अखिलेश को 20 लाख की सुपारी दी थी। 2015 में होली के दो महीने बाद अखिलेश जेल से छूट गया। उसने अपने गांव के मोहित, भोला उर्फ सनी व बदायूं के मुड़िया गांव के कन्हैया शर्मा और बरेली शहर के थाना सुभाष नगर के मोहल्ला मणिनाथ के नवीन मिश्रा  को साजिश में शामिल किया।
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अखिलेश ने चारों को हत्या के एवज में दो-दो लाख रुपये देने का लालच दिया। 2015 में अखिलेश और उसके साथियों ने कई बार संजय मिश्रा की रेकी की। 26 दिसंबर 2016 को अखिलेश चारों साथियों के साथ दोबारा हरदोई पहुंचा। ये लोग शहर के रेलवेगंज स्थित गंगा-जमुना होटल में रुके। 26 और 27 को पांचों ने हरिशंकर डिग्री कॉलेज तक भी गए। 28 की सुबह पांचों कॉलेज पहुंच गए और सड़क की दूसरी ओर चाय की दुकान पर चाय पीने के बहाने संजय का इंतजार करने लगे। कुछ देर बाद संजय कॉलेज पहुंच गए।

उनके कॉलेज में घुसने के कुछ देर बाद  एक बाइक पर अखिलेश, कन्हैया और नवीन भी वहां पहुंच गए। कन्हैया ने ही संजय की पैलगी की। पास पहुंचने पर नवीन ने आंख में मिर्च झोंकी। इसके साथ ही अखिलेश व नवीन ने एक-एक गोली संजय पर दाग दी। वारदात को अंजाम देकर तीनों हरदोई की ओर भाग गए। आगे जाकर कन्हैया बस में बैठ गया और अखिलेश बाइक से निकल गया। शाहजहांपुर के तिलहर के पास अखिलेश का एक्सीडेंट हो गया। पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया था। एसपी ने बताया कि आरोपियों के पास तीन तमंचे, छह कारतूस और चोरी की दो बाइक बरामद की गई हैं। मोहित और भोला फरार हैं। एसपी ने बताया कि अभी विवेचना चल रही है। बाइकों की नंबर प्लेट बदलकर हरदोई जिले के नंबरों की प्लेट लगा ली थीं। 

एसपी ने बताया कि बीटीएस सिस्टम के जरिये आरोपियों तक पहुंचा गया। हरिशंकर कॉलेज के करीब लगे मोबाइल टावरों के परिधि में दो तीन दिन कौन-कौन से मोबाइल रहे इसकी जानकारी जुटाई गई। इसमें एक नंबर राजू की पत्नी का मिला। इस नंबर से नैनी जेल में लंबी-लंबी बातें हुईं। नैनी में जिस मोबाइल पर बात हुई वह राजू का था। राजू के नंबर से अखिलेश यादव की कई बार बात हुई। इसके बाद अखिलेश के मोबाइल की लोकेशन खंगाली गई तो उसके साथियों को ट्रेस कर लिया गया। इस तरह पुलिस बदमाशों तक पहुंच गए। एसपी ने बताया कि अभी विवेचना चल रही है। सूरज को किसने रुपये दिए, हरदोई आने पर बदमाशों को 10 हजार रुपये किसने दिया। इसके अलावा और कौन-कौन इस हत्याकांड व उसकी साजिश में शामिल हैं इसकी विवेचना की जा रही है। 

एसपी ने बताया कि सुपारी की पेशगी सूरज को दी गई थी। सूरज अखिलेश का भांजा है। जेल से बाहर आने पर सूरज ने मामा को पेशगी के 35 हजार रुपये दे दिए। 27 दिसंबर की सुबह शहर के गीता धर्मकॉटा के पास 10 हजार रुपये अखिलेश को और दिए गए। 

हरदोई। राजू भदैया इस समय ललितपुर जेल में बंद है। उसे हत्या की साजिश रचने का आरोपी बनाया गया है। राजू के खिलाफ बी वारंट जारी कराया गया है। 12 जनवरी को हरदोई लाकर उससे पूछताछ की जाएगी। राजू के भतीजे पंकज और पवन पुत्र अजयपाल सिंह भी दूसरे मामलों में जेल जा चुके हैं। उनकों भी पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया जाएगा। 

एसपी का दावा है कि राजू जेल से मोबाइल से बात करता था। उन्होंने बताया कि बरेली जेल का एक बंदीरक्षक मोबाइल पर राजू की बात कराता था। सर्विलांस के जरिए इसकी पुष्टि हुई है। नैनी जेल से भी राजू मोबाइल बाहर बात करता था। 


 एसपी ने बताया कि अखिलेश यादव ने बरेली की भाजपा नेत्री रंजना सोलंकी की हत्या की सुपारी लेने की बात भी कबूल की है। रंजना की हत्या की सुपारी पांच लाख में दी गई। पैसा भी बदमाशों को दे दिया गया था लेकिन नोटबंदी होने बदमाशों ने पुराने नोट लौट दिए। रंजना के एक परिजन की भी हत्या की गई थी।
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