हरदोई/लखनऊ। परिवहन निगम की दिल्ली से लखनऊ आ रही साधारण सेवा की बस में रविवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। यह आग उस वक्त लगी जब बस डीजल खत्म होने पर हरदोई जनपद के संडीला के पास खड़ी थी। ड्राइवर एवं कंडक्टर ने यात्रियों को दूसरी बस में शिफ्ट कर दिया था, अन्यथा बड़ा हादसा हो जाता। घटना की खबर पाकर क्षेत्रीय प्रबंधक ने जांच पड़ताल की।
कैसरबाग डिपो की करीब डेढ़ साल पुरानी बस (यूपी 33 टी 9287) लखनऊ और दिल्ली के बीच वाया मल्लावां होकर चलती है। शनिवार को यह बस दिल्ली से लखनऊ के चली और रविवार को सुबह पांच बजे संडीला और गौसगंज के बीच गौसापुल से पहले अचानक बंद हो गई। ड्राइवर ने जायजा लिया तो ईंधन पाइप फटने के कारण उसका डीजल बह गया था जिससे वह खड़ी हो गई।
ड्राइवर अमर सिंह ने वर्कशाप में सूचना देकर हेल्प मांगी जो सुबह नौ बजे तक नहीं मिल सकी। कंडक्टर मयंक ने यात्रियों को दूसरी बस में शिफ्ट कर दिया था। उधर, ड्राइवर अमर संडीला डीजल लेने चला गया। मयंक के अनुसार वह अपनी टिकट मशीन को चार्जिंग पर लगाने लगा। इसी बीच उसने बस के डैश बोर्ड से धुआं निकलते देखा। अस पर वह बस से कूद गया। देखते ही देखते बस में आग लग गई। परिचालक ने मामले की सूचना अपने विभागीय अधिकारी और पुलिस को दी। कासिमपुर उपनिरीक्षक पंकज तोमर ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी, लेकिन फायर ब्रिगेड के पहुंचने के पहले ही बस जल चुकी।
क्षेत्रीय प्रबंधक अखिलेश कुमार सिंह मौका मुआयना करने पहुंचे तो पुलिस ने दावा कि बस में आग शार्ट सर्किट से लगी है। अखिलेश सिंह का कहना कि जब बस स्टार्ट नहीं हुई तो उसमें आग कैसे लग सकती। क्षेत्रीय प्रबंधक ने डीजल पाइप फटने एवं आग लगने के प्रकरण की जांच कराने की बात कही है।