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पुलिस का ‘यार’ बना फरार शराब माफिया

Sat, 10 Dec 2016 11:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
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पिहानी कोतवाली में हुई शांति समिति की बैठक में कोतवाल के बगल में बैठकर चाय पीते अवैध शराब रखने के आरोपी जेपीगुप्ता। - फोटो : अमर उजाला
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पिहानी (हरदोई)।दो महीने से फरार चल रहा शराब माफिया पूर्व ब्लॉक प्रमुख जेपी गुप्ता पिहानी कोतवाली पुलिस का मेहमान बना। बाकायदा पुलिस ने उसे शांति समिति की बैठक में बुलाया। इस दौरान वह कोतवाल के ठीक बगल वाली सीट पर वह करीब एक घंटे बैठा रहा। गिरफ्तार करने के बजाए पुलिस उसकी आवभगत करती रही।  
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पिहानी का पूर्व ब्लॉक प्रमुख जय प्रकाश गुप्ता उर्फ जेपी हरियाणा की अवैध शराब, होलोग्राम और ढक्कन रखने का आरोपी है। वह कस्बे के बस स्टैंड के पास रहता है। उसके और उसके परिवार के नाम शराब की कई दुकानें हैं। एक दुकान मकान के नीचे भी चलती है। 27 सितंबर को आबकारी इंस्पेक्टर, पिहानी कोतवाली पुलिस और सीतापुर पुलिस ने उसके मकान में छापेमारी कर हरियाणा प्रदेश की 47 बोतल अवैध शराब के साथ भारी मात्रा में रैपर और होलोग्राम बरामद किए थे।

पुलिस ने मौके से जेपी के सेल्समैन राम किशोर को पकड़ा था। आबकारी निरीक्षक राजेश मिश्रा ने जेपी गुप्ता और राम किशोर के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत धारा 60/63 समेत 420/467/468 में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने कम हैसियत वाले रामकिशोर को तो तुरंत जेल भेज दिया था जबकि मुख्य आरोपी जेपी गुप्ता की गिफ्तारी में लापरवाही बरत रही है। इतना ही नहीं, सपा के बड़े नेताओं से पहुंच रखने वाले जेपी गुप्ता को शनिवार को बारावफात पर शांति बनाए रखने के लिए बुलाई गई बैठक में भी बुलाया गया। जेपी की पहुंच का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कोतवाल ने उसे अपने बगल वाली कुर्सी पर बैठाया। करीब एक घंटे तक बैठक मेें जेपी को चाय नाश्ता भी कराया गया। पूरी आवभगत के बाद पुलिस ने उसे बाइज्जत विदा कर दिया।
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मामला अभी पिहानी कोतवाली में है। वहीं का स्टाफ विवेचना कर रहा है। अभी तक गिरफ्तारी हो जानी थी। इंस्पेक्टर को हरियाणा की शराब तस्करी के आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करना चाहिए।
श्यामाकांत त्रिपाठी, सीओ हरियावां


जांच की जा रही है, कुछ बिंदु हैं जिनकी जांच रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। (तो सह आरोपी को बिना जांच जेल क्यों भेजा गया, इस सवाल पर कोतवाल ने फोन काट दिया)।
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 पवन त्रिवेदी, कोतवाल पिहानी
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