हरदोई। नगर पालिका में तीन बार से सभासद प्रमोद सिंह बाबा को सभासद की करतूत ने मुल्जिम बन दिया। छात्र अर्णव के अपहरण के मामले में पुलिस ने सभासद और तीन युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अपहरण का मुख्य आरोपी अजय सभासद के मकान में किराए पर रहता था, अजय के कमरे में छात्र की स्कूल डायरी और बैग मिला है। सभासद की गिरफ्तारी के खिलाफ डायरी और बैग को ही सूबत बनाया गया है। सभासद ने करीब 25 दिन पहले मकान में रहने आए अजय का पुलिस से वेरीफिकेशन नहीं कराया था। अगर वह वेरीफिकेशन कराए होते तो शायद उन्हें सलाखों के पीछे नहीं जाना पड़ता।
शहर के अशराफ टोला निवासी छात्र अर्णव पुत्र अंकुर मेहरोत्रा के अपहरण के मामले का रविवार को पुलिस ने खुलास कर दिया। इस मामले में पुलिस ने लोनार थाना क्षेत्र के बड़ौरा गांव निवासी अजय सिंह, पुरौरी गांव के राजेश कुमार उर्फ अमित, राजेश कुमार उर्फ राजाबाबू निवासी पुरौरी थाना लोनार और शहर के मोहल्ला आजाद नगर निवासी सभासद प्रमोद सिंह बाबा को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस लाइन में एसपी राजीव मेहरोत्रा ने बताया कि छुट्टी के बाद तारा एकेडमी से अर्णव को अजय सिंह टाफी का लालच देकर बाइक पर भूराटीकुर गांव उठा ले गया। वहां हाथ, पैर बांध कर गन्ने के खेत के बीच में डाल दिया।
चरवाहा भानू को खेत की ओर आता देख अजय वहां से भाग गया। इसी बीच अर्णव भी पैर खोलकर खेत के किनारे आ गया। भानू ने भूराटीकुर के प्रधान अभिषेक बाजपेई को बताया। प्रधान ने देहात कोतवाली को सूचना दी थी। इसके पहले ही बच्चे के अपहरण की सूचना पर पुलिस अलर्ट हो गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और बच्चे को बरामद कर परिजनों को सौंप दिया। एसपी ने बताया कि आरोपियों ने अपहरण करने और फिरौती मांगने की बात कबूल की है। चारों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। अपहरणकर्ताओं के पास से अर्णव का स्कूल बैग, डायरी, दो मोबाइल और चोरी की एक बाइक बरामद की गई है।
अजय किसी भी बच्चे को उठाने की नियत से गया था। स्कूल में अर्णव और एक बच्चा झगड़ रहे थे, मैम ने अर्णव को डाटा दिया तो वह रोने की स्थित में खड़ा था। अजय ने उदास अर्णव को टाफी का लालच दिया और स्कूल से बाहर निकल गया। एसपी ने बताया कि अभी विवेचना चल रही है। सभासद प्रथम दृष्टया आरोपी हैं, उनकी भूमिका की भी जांच पड़ताल की जाएगी। अगर वह उनके खिलाफ कोई ठोस सुबूत नहीं मिलता है तेा चार्जशीट से उनका नाम हटा दिया जाएगा।
एसपी ने बताया कि अर्णव की डायरी में लिखे नंबर पर फोन पर अजय ने फोन किया था। यह नंबर अर्णव के बाबा श्रीनाथ मेहरोत्रा का था। अजय ने श्रीनाथ से एक लाख रुपये फिरौती मांगी थी। पुलिस ने मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगावा दिया। नंबर ट्रेस कर उसे शुक्रवार देर रात बिलग्राम रोड स्थित शिक्षक भवन के पास से गिरफ्तार कर लिया गया था। एसपी के अनुसार अजय फिरौती की रकम से सब्जी की दुकान खोलना चाहता था।
अपहरणकर्ता अर्णव को गन्ने के खेत में बांधकर शाम होने का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान भूराटीकुर गांव के मजरा कनापुरवा निवासी चरवाहा भानू अपने मवेशी लेकर उधर पहुंचा था। उसको आया देख अपहरणकर्ता भाग गए थे। भानू ने ही अर्णव के मिलने की सूचना दी थी। एसपी राजीव मेहरोत्रा ने भानू को पुरस्कृत करने व प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की है।
अपहरण के मास्टर माइंड अजय भदौरिया ने अपहरण की साजिश फिल्म देखकर बनाई थी। अजय ने पूछताछ में बताया कि वह सब्जी की दुकान खोलना चाहता था, लेकिन रुपये नहीं थे। इसी के चलते फिल्मों में होने वाले अपहरण के सीन के आधार पर अपहरण की प्लानिंग बनाई थी।