पुलिस ने हरियाणा से लूटी गई डीसीएम के साथ तीन लोगों को धर दबोचा है। डीसीएम से चार करोड़ का माल बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपियों एवं माल को हरियाणा पुलिस को सौंप दिया है। घटना का मुख्य आरोपी मौके से भाग निकला।
स्प्रिड मैन लाजिस्ट कंपनी की कोरियर डीसीएम गुुरुवार को सामान लाद कर हरियाणा के महिपाल से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। डीसीएम को आगरा, कानपुर और लखनऊ में भी माल उतारना था। रास्ते में हरियाणा वार्डर के पास कार सवारोें ने डीसीएम को ओवरटेक कर रोक लिया। कार में सात लोग सवार थे। इन लोगों ने अमेठी के शिवगढ़ी निवासी चालक नीरज को बांधकर वही्ं छोड़ दिया।
इसके बाद गाड़ी लेकर भाग निकले। बाद में राहगीरों ने डीसीएम चालक को खोला तो उसने कोरियर कंपनी के अधिकारी को मामले की जानकारी दी। कंपनी की ओर से पुलिस को सूचना दी गई। डीसीएम में जीपीआरएस सिस्टम लगा हुआ था। इसके आधार पर डीसीएम की लोकेशन हरदोई मिली। हरियाणा पुलिस की सूचना पर नाकेबंदी की गई।
मल्लावां- गौसगंज मार्ग पर पुवायां के पास डीसीएम पकड़ ली गई। शाम को एसपी ने मामले का खुलासा किया। एसपी उमेश कुमार सिंह के मुताबिक नई दिल्ली के बसंत कुंज थाना क्षेत्र स्थित के 14 महिपालपुर नला कैंप निवासी नीरज कुमार, महिलापालपुर के ही मोनू उर्फ कमाल एवं मल्लावा थाना क्षेत्र के कंथरी निवसी गौतम विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया गया है।
इस कांड का सरगना एटा निवासी विनोद यादव और उसका साथी हरियाणा के विडवासन तापस खेड़ा निवासी जीतू मौके से भाग निकला। मामले का खुलासा करने वाले सीओ बलवंत राय, कोतवाल सियाराम सरोज, एसआई शिवाकांत पांडेय की टीम को डीजीपी की ओर से 15 हजार का इनाम दिया गया है।