पांडू पिंडारा गांव स्थित श्रीकृष्ण गोशाला के संचालक पर गांव के लोगों ने तस्करों को गायें सप्लाई करने का आरोप लगाते हुए गोशाला में हंगामा किया।
खूब हंगामा होने की सूचना पाकर मौके पर पुलिस भी पहुंची, लेकिन गांव के लोगों ने पहले पंचायत में मामले को निपटाने की बात कही। गोशाला के संचालक स्वामी सतबीरानंद शुक्रवार शाम डीसी विनय सिंह से मिलने पहुंचे।
ग्रामीणों का आरोप है कि रात के समय कुछ लोग गोशाल के गेट के बाहर गाड़ी में गायें चढ़ा रहे थे। जैसे ही ग्रामीण पहुंचे, लोग गाड़ी लेकर फरार हो गए। ग्रामीणों के अनुसार दो गायें बाहर बिजली के खंभे से भी बंधी मिली हैं।
लोगों का आरोप है कि गोशाला के लोग ही गायों को तस्करों के हवाले करते हैं। इसे लेकर शुक्रवार सुबह गोशाला में पंचायत हुई। गोरक्षा दल के सदस्य भी पहुंच गए। इन लोगों ने बताया कि गोशाला से पहले भी गायें बाहर जाती रही हैं।
गोशाला संचालक से भिड़े लोग
मामला इतना बढ़ गया कि पंचायत के दौरान कुछ लोग काफी उत्तेजित हो गए और गोशाला संचालक स्वामी सतबीरानंद की तरफ भी झपटे, लेकिन मौजूद पुलिसकर्मियों ने बीच बचाव करते हुए ग्रामीणों को अलग किया।
डीसी कार्यालय पर नारेबाजी
पंचायत में कोई फैसला नहीं होने के बाद गोरक्षा दल के सदस्य डीसी कार्यालय पहुंचे। डीसी विनय सिंह नहीं मिलने के कारण इन लोगों ने वहीं नारेबाजी करनी शुरू कर दी। इस दौरान गो रक्षकों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
डीसी से मिलने पहुंचे सतबीरानंद
वहीं दोपहर बाद करीब पांच बजे गोशाला संचालक सतबीरानंद महाराज डीसी विनय सिंह से मिलने पहुंचे। इस दौरान फिर से ग्रामीणों ने गोशाला में पंचायत बुला ली। जिसके बाद डीसी से मिलने से पहले सतबीरानंद फिर से पंचायत में चले गए।
ग्रामीणों और संतों की कमेटी में होगा फैसला
शाम तक गोशाला में पंचायतों और बैठकों का दौर चलता रहा, लेकिन इसमें कोई नतीजा नहीं निकला। इसके बाद निरजन डेरा के महंत राघवानंद के नेतृत्व में हुई पंचायत में फैसला हुआ कि पांडू पिंडारा के ग्रामीणों और संत समाज की एक कमेटी का गठन किया जाएगा। इस कमेटी में पूरे मामले पर चर्चा होगी।
गांव की गोशाला से गायों की तस्करी का मामला सामने आया था। पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों ने पंचायती तौर पर मामले को निपटाने के लिए समय मांगा है। यदि शिकायत आती है तो पुलिस अपना काम करेगी।
धर्मबीर सिंह, सदर थाना प्रभारी