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फर्जी अधिकारी बन ठगी करने वालों को भेजा जेल

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खुद को एंटी करप्शन टीम का सदस्य बताकर ठगी करने वाले पांचों लोगों के विरुद्ध पुलिस ने मामला दर्ज कर जेल भेज दिया। उनके पास से फर्जी मोहर, परिचय पत्र और लाइसेंसी बंदूक बरामद हुई है।       

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एसपी कार्यालय में शुक्रवार को अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी त्रिगुन विशेन ने मामले का खुलासा किया। बताया कि मल्लावां कोतवाली क्षेत्र में गुरुवार को एक बोलेरो से पांच लोग ग्राम बेरिया नजीरपुर में संचालित देसी शराब की दुकान पर पहुंचे थे। उन्होंने खुद को एक्साइज इंस्पेक्टर बताकर दुकानदार से वसूली की। इस दौरान उपनिरीक्षक योगेंद्र सिंह ने पुलिस टीम के साथ पांचों को धर दबोचा था। इनके नाम मल्लावां कोतवाली के ग्राम राधौपुर निवासी सर्वेश पुत्र राजमंगल, सुदीप सिंह पुत्र रामवीर सिंह, विकास पुत्र रमेश, शिवम सिंह पुत्र सर्वेश कुमार और ग्राम मगराहा निवासी उदयप्रताप पुत्र विजय प्रताप हैं। पकड़े गए लोग खुद को एंटी करप्शन टीम का सदस्य बताकर दूध डेयरी, खाद्य पदार्थ की दुकान, पेट्रोल पंप पर अवैध वसूली करते थे। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक मल्लावां दीपक सिंह रघुवंशी, एसआई योगेंद्र सिंह, सिपाही मनोज कौशिक, दिनेश सिंह, वीर सिंह, अशोक कुमार, विपिन कुमार शामिल रहे।

यह हुआ बरामद       
पुलिस टीम ने फर्जी अधिकारी बनकर ठगी करने वालों के पास से एक बोलेरो, दोनाली लाइसेंसी बंदूक, इलेक्ट्रॉनिक तराजू, कांच के दो जार, छह हाइड्रो मीटर, एक थर्मामीटर, एंटीकरप्शन का परिचय पत्र,  भारत पेटोलियम कारपोरेशन लिमिटेड भारत सरकार उपक्रम लिखा परिचय पत्र, एक रसीद बुक, दो मोहरें, जिसमें एक पर प्रतिनिधि शासन उत्तर प्रदेश व आर्थोसाइड सेनेटरी मिनिस्ट्री ऑफ पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस अंकित है, मिली हैं। आईटीआर से संबंधित पत्र, भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन के पत्र, डेनसिटी चार्ट बुक, खाद्य पदार्थ मानक सूची, पेट्रोल पंपों की सूची, मुख्यमंत्री से संबंधित दो पत्र, गुणवत्ता जांच संबंधी 10 पत्र बरामद किए गए हैं।        
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हाईस्कूल और कक्षा आठ पास हैं आरोपी      
टीम के सरगना सर्वेश सिंह ने शिक्षा के विषय में नहीं बताया जबकि शिवम हाईस्कूल, विकास इंटरमीडिएट, सुदीप कक्षा 8, उदयप्रताप कक्षा 5 तक पढ़ा है। विकास खुद को एक मैगजीन का पत्रकार बताता है।       
       
लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति       
एएसपी ने बताया कि आरोपियों के पास से बरामद लाइसेंसी बंदूक का लाइसेंस निरस्त करने की  संस्तुति जिलाधिकारी से की गई है। उन्होंने बताया कि यह लोग कई लोगों से ठगी कर चुके हैं।        

इस प्रकार देते थे घटना को अंजाम       
मुख्य आरोपी सर्वेश सिंह पुत्र राजमंगल सिंह के पास लाइसेंसी दोनाली बंदूक और बोलेरो थी। वह अपने को अधिकारी और शिवम को गनर बनाकर रखता था। अन्य उसके सहयोगी बने थे। प्रतिष्ठान पर पहुंचकर रौब जमाते और मिलावट आदि करने का आरोप लगाकर वसूली करते थे।      

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