पुलिस और आबकारी विभाग की सख्ती के बावजूद जिले में अवैध शराब कारोबार थम नहीं रहा है। एक बार फिर पुलिस ने अवैध शराब बनाकर नामी कंपनियों की बोतलों में भरकर भेजे जाने का खुलासा किया है। पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि छह लोग फरार हैं। फरार लोगों में विधानसभा चुनाव में मल्लावां बिलग्राम क्षेत्र से सपा प्रत्याशी रहे पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुभाष पाल भी हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों के कब्जे से भारी मात्रा में शराब बनाने का केमिकल और नामी कंपनियों के स्टीकर व ढक्कन बरामद हुए हैं।
देहात कोतवाली में रविवार शाम प्रेस वार्ता में एसपी विपिन कुमार मिश्र ने बताया कि शराब माफियाओं के विरुद्ध चल रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली है। सीओ सिटी शैलेंद्र सिंह राठौर, प्रशिक्षु सीओ रामप्रकाश और यादवेंद्र यादव के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच और देहात कोतवाली पुलिस ने शनिवार देर रात ओमपुरी के पास बंद पड़ी फैक्ट्री में छापेमारी की। मौके से पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया। जिसमें रायबरेली के शिवगढ़ थाना क्षेत्र नया पुरवा निवासी वीरेंद्र कुमार पुत्र पुत्तीलाल, भवानीखेड़ा निवासी राजू पुत्र श्रीराम, उदयखेड़ा निवासी सोहनलाल पुत्र सत्तू नया पुरवा निवासी दिनेश कुमार पुत्र शंकर के अलावा हरदोई के लोनार थाना क्षेत्र के फदनापुर निवासी अनूप द्विवेदी पुत्र बृज मोहनलाल द्विवेदी, हरियावां थाना क्षेत्र के मझिगवां अमरनाथ निवासी संतोषपाल पुत्र श्यामसुंदर और कोतवाली देहात के विकास नगर निवासी राकेश तिवारी पुत्र सुंदरलाल तिवारी हैं।
इनसे पूछताछ में पता चला कि इन लोगों के साथ उक्त कारोबार में छह और लोग भी शामिल हैं। एसपी ने बताया कि सुरसा थाना क्षेत्र के गड़रियन पुरवा निवासी सुभाष पाल पुत्र शिवदयाल, पाली कस्बा निवासी विपुल मिश्रा संडीला कोतवाली क्षेत्र के बाबा हजारा बाग निवासी आरडी श्रीवास्तव उर्फ लाला, शहर कोतवाली क्षेत्र के आजाद नगर निवासी सर्वेश मिश्रा और देहात कोतवाली के विकास नगर निवासी मानू तिवारी के अलावा लखनऊ निवासी मुकेश अवस्थी भी इस कारोबार में शामिल हैं। एसपी ने पूरे प्रकरण का खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। इसके अलावा आईजी ने भी टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार देने की जानकारी दी।
विभिन्न शराब कंपनियों के दो लाख स्टीकर, एथाइल अलकोहल 6600 लीटर, पंचिंग मशीन, शराब पेटी, पानी के केन, विभिन्न कंपनियों के 70 हजार ढक्कन, खाली बोतलें 20 हजार, शराब को रंग देने वाला केमिकल, बनी हुई शराब 500 लीटर, एक बाइक, एक गैस सिलेंडर, ढक्कन सील करने का सूजा, पानी की टंकी।
प्रेस वार्ता के दौरान एक सवाल के जवाब में एसपी विपिन कुमार मिश्र ने बताया कि हर रोज लगभग 100 पेटी शराब तैयार की जाती थी। माह में लगभग तीन हजार पेटी शराब बनती थी। इसकी खपत जिले के शराब के ठेकों के अलावा उन्नाव, फर्रूखाबाद और शाजहांपुर में भी की जाती थी। इसकी जानकारी गिरफ्तार किए गए लोगों ने पुलिस को दी है। एसपी का कहना है कि फरार हुए छह लोगों की गिरफ्तारी के बाद इस अवैध कारोबार के और भी राज खुलेंगे। एसपी ने बताया कि इस अवैध कारोबार के जरिये हर माह लगभग 70 लाख रुपये कारोबारी कमा रहे थे और राजस्व का नुकसान आबकारी विभाग को उठाना पड़ रहा था।
ब्रांडेड बोतलों में भरकर बेची जाने वाली शराब को खपाने के लिए कई जगहों पर शराब माफियाओं ने अवैध दुकानें भी चला रखी थीं, लेकिन ज्यादा खपत आबकारी विभाग की ओर से दिए जाने वाले ठेकों पर ही की जाती थी। गिरफ्तार किए गए लोगों में से राकेश तिवारी के पास भी एक शराब का ठेका है। इस ठेके से भी पुलिस को अपमिश्रित शराब मिली है।
कुछ वर्ष पहले आजाद नगर निवासी अभय प्रताप सिंह का शव शहर कोतवाली क्षेत्र के गल्लामंडी के सामने पड़ा मिला था। अभय के परिजन हत्या कर शव फेंके जाने की बात कह रहे थे। जिस बंद फैक्ट्री में अवैध शराब का कारोबार चल रहा है, उसकी जमीन अभय के करीबी रिश्तेदारों के नाम है। एसपी विपिन कुमार मिश्र ने बताया कि अवैध कारोबार के संचालन और अभय की मौत के बीच के कनेक्शन भी पुलिस खंगालेगी।