हरदोई। अपर जिला जज शिवमणि शुक्ला ने गुरुवार को गैर इरादतन हत्या के अपराध में पांच साल की कैद व दस हजार पांच सौ रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राकेश कुमार बाजपेयी के अनुसार घटना की रिपोर्ट टड़ियावां क्षेत्र के खांडाखेड़ा गांव निवासी लालू ने थाने पर दर्ज कराई थी।
घटनाक्रम के अनुसार लालू की घोड़ी 24 अक्तूबर 2014 को गांव के दक्षिण चर रही थी। गांव के राकेश ने उसे पकड़ लिया। लालू की छोटी बहन ने घर जाकर राकेश द्वारा घोड़ी को पकड़ने की बात बताई। इस पर लालू के पिता संतोष ने राकेश के घर जाकर शिकायत की। राकेश ने गाली गलौज शुरू कर दी। मना करने पर राकेश ने संतोष को मारापीटा। इससे 25 अक्तूबर को संतोष की तबीयत खराब हो गई दौरान इलाज उसकी 26 अक्तूबर को मौत हो गई। अदालत ने राकेश को गैर इरादतन हत्या के अपराध में पांच साल की कैद व दस हजार पांच सौ रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।