पंचायत सचिव से मिलीभगत कर बिना खुली बैठक व प्रधान
के हस्ताक्षर बगैर प्रस्ताव भेजे जाने के मामले की जांच में बीडीओ दोषी पाए
गए हैं। तहसीलदार की जांच रिपोर्ट पर एसडीएम ने दोषी लोगों के खिलाफ डीएम
और सीडीओ से कार्रवाई की मांग की है।
तहसील क्षेत्र के विकास खंड
बावन के सोनेपुर में 25 नवंबर 2014 को पंचायत सचिव की मिलीभगत से बिना
प्रधान के हस्ताक्षर और खुली बैठक के खंड विकास अधिकारी ने प्रस्ताव तहसील
भेज दिया था।
इस मामले में खंड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत, पंचायत सचिव समेत चयनित कोटेदार कविता और उसका भाई कुलदीप यादव को दोषी पाया गया है।
एसडीएम
ने बताया कि चयनित कोटेदार ने बिना खुली बैठक व पंचायत सदस्यों व प्रधान
के हस्ताक्षर कराए बगैर फर्जी प्रस्ताव पंचायत सचिव के द्वारा सीधे खंड
विकास अधिकारी द्वारा बाकायदा डाक से तहसील भिजवा दिया।
एसडीएम के
अनुसार मामले में बीडीओ प्रभुदयाल, एडीओ पंचायत व पंचायत सचिव आलोक
त्रिपाठी (जिनकी मृत्यु हो चुकी है) व कविता व कुलदीप की साठगांठ रही। इन
लोगों ने अधिकारियों को गुमराह कर राशन की दुकान बनवा ली। कोर्ट के आदेश पर
इसकी आपूर्ति बंद कर दी गई है।
बीडीओ बावन प्रभु दयाल ने बताया कि
मामला संज्ञान में आया है। जानकारी करके ही कुछ बता सकेंगे। एसडीएम द्वारा
डीएम को कार्यवाही रिपोर्ट भेजने से हड़कंप मचा है।