हरदोई-लखनऊ मार्ग पर शहर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम नयागांव के निकट बाइक सवार दो दोस्तों को प्राइवेट बस ने कुचल दिया। मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। हादसे के बाद एंबुलेंस और पुलिस के समय से न पहुंचने से नाराज लोगों ने हरदोई-लखनऊ मार्ग पर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचीं सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी ने लोगों को समझाया। इस दौरान करीब 50 मिनट तक लोग जाम में फंसे रहे।
सोमवार शाम शहर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सहरुआ सकतपुर निवासी रमेश (20) पुत्र इंदल गांव निवासी दोस्त किंगराज (22) पुत्र रामभजन के साथ बाइक से ग्राम खेतुई बहन कुन्ना पत्नी श्रीकृष्ण के घर जा रहा था। बाइक किंगराज चला रहा था। बाइक सवार हेलमेट नहीं लगाए थे। शहर कोतवाली के हरदोई-लखनऊ मार्ग पर नयागांव के निकट लखनऊ की ओर जा रही प्राइवेट बस ने बाइक सवार युवकों को कुचल दिया। किंगराज की फौरन ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सूचना के बाद भी लगभग आधे घंटे तक एंबुलेंस और पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। इस दौरान रमेश ने भी तड़पकर दम तोड़ दिया। इससे नाराज ग्रामीणों ने हरदोई-लखनऊ मार्ग पर जाम लगा दिया। नगर मजिस्ट्रेट वंदिता श्रीवास्तव और नगर क्षेत्राधिकारी विजय कुमार राना मौके पर पहुंचे। दुर्घटना करने वाली बस को भी लालपालपुर में पकड़ लिया गया। नगर मजिस्ट्रेट ने एंबुलेंस के समय से न पहुंचने के मामले की जांच कराने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। लगभग 50 मिनट तक हरदोई-लखनऊ मार्ग पर वाहनों की कतारें लगी रहीं।
सड़क के दोनों ओर तीन किमी लंबा जाम
हरदोई-लखनऊ मार्ग पर हर समय वाहनों की आवाजाही होती रहती है। यही कारण रहा कि हादसे के बाद घटनास्थल के दोनों तरफ लगभग तीन-तीन किलोमीटर तक जाम लग गया। जाम में भारी वाहनों के साथ ही छोटे वाहन भी बड़ी संख्या में फंस गए। जाम खुलने के बाद यातायात सामान्य होने में 40 मिनट का समय लगा।
यूपी 100 के सिपाही से अभद्रता
कई बार फोन किए जाने के बाद मौके पर यूपी 100 का सिपाही पहुंचा। उसे देखकर ग्रामीण भड़क गए। कुछ ग्रामीणों ने डंडे से बाइक का इंडीकेटर तोड़ दिया। ग्रामीणों ने सिपाही से अभद्रता भी की।
और साथ छोड़ दी दुनिया
ग्रामीण बताते हैं कि अक्सर किंगराज और रमेश दिल्ली मेें प्राइवेट फैक्ट्रियों में काम करने के लिए जाते थेे। सोमवार को भी दोनों एक साथ थे और दुनिया को एक साथ ही अलविदा कह दिया। रमेश छह भाइयों में चौथे नंबर का था और अविवाहित था। उधर दूसरी ओर किंगराज तीन भाइयों में सबसे बड़ा था।