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59 हजार में दो बार बेची गई किशोरी

Fri, 16 Dec 2016 12:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
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बच्ची का अपहरण - फोटो : अमर उजाला
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हरदोई। लखीमपुर खीरी जिले की दलित किशोरी 59 हजार रुपये में दो बार बेची गई। करीब डेढ़ महीने में उसके साथ कई बार दुष्कर्म हुआ। विरोध करने पर मारपीट की गई। ग्रामीणों की शिकायत पर देहात कोतवाली पुलिस ने बृहस्पतिवार देर रात खुटेहना गांव में दबिश देकर उसे मुक्त कराया। मौके से एक युवक को गिरफ्तार किया गया, उसका बड़ा भाई भाग निकला। पुलिस ने नाबालिग के अपहरण, मानव तस्करी, रेप और एससी-एसटी एक्ट आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। 
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लखीमपुर के चंदनचौकी थानांतर्गत एक गांव की चौदह वर्षीय यह किशोरी करीब डेढ़ महीने पहले फार्म भरने के लिए पलिया जा रही थी। पुलिस को किशोरी ने बताया कि उसे ट्रेन में लखीमपुर शहर के सफीना और सोनू मिले। ये लोग उसे बहला फुसलाकर अपने घर ले गए। करीब दस दिन दोनों ने उसे बंधक बनाए रखा। फिर एक अधेड़ अपनी पत्नी के साथ सफीना के घर आया। सफीना उसे रामचंद्र कह रही थी। सफीना ने नौ हजार रुपये लेकर उसे रामचंद्र के हवाले कर दिया।   यहां से रामचंद्र व उसकी पत्नी किशोरी को पहले सीतापुर, फिर  कानपुर ले गए। इस दौरान रामचंद्र ने उसके साथ दुष्कर्म भी किया। आरोप है कि आठ दिन पहले रामचंद्र किशोरी को लेकर हरदोई आया। यहां कोतवाली देहात क्षेत्र के खुटेहना गांव के अशोक यादव उर्फ  लाला नवाब को 50 हजार रुपये में बेच दिया। 
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किशोरी ने बताया कि अशोक ने बालाजी मंदिर खेतुई ले जाकर उससे शादी करने का नाटक किया। फिर घर लाकर बंधक बना लिया। घर में अशोक और उसके भाई निर्मल ने कई बार रेप किया। विरोध करने पर मारापीटा। किशोरी ने दो बार भागने की कोशिश की, लेकिन दोनों भाइयों ने उसे पकड़कर फिर बंधक बना लिया। इसी दौरान ग्रामीणों को शक हो गया। उन्होंने बुधवार रात एएसपी पूर्वी बीसी दुबे को सूचना दी और रात में ही महिला पुलिस के साथ देहात कोतवाली पुलिस ने अशोक के घर में दबिश दे दी। निर्मल को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अशोक भाग निकला। देहात कोतवाली प्रभारी अमर सिंह रघुवंशी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। मेडिकल रिपोर्ट और किशोरी के बयान के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। 

जिला महिला अस्पताल में तैनात डॉ. स्मृता सिंह के पिता की गुरुवार को मौत हो गई। इस कारण वह घर चली गई थीं। अन्य डॉक्टर और स्टाफ भी चले गए थे। अस्पताल के सभी कक्ष बंद थे। अस्पताल में डॉक्टर न होने के कारण खुटेहना गांव से मुक्त कराई गई किशोरी मेडिकल नहीं हो सका। शनिवार को किशोरी का मेडिकल कराया जाएगा।
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