घायल कुत्ते का इलाज करते पशु चिकित्सक डॉ. धर्मेंद्र सिंह। संवाद
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सांडी (हरदोई)। कस्बे और इसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में तेंदुए की दहशत बरकरार है। ग्राम भीखपुर में बुधवार रात एक पालतू कुत्ते पर जंगली जानवर ने हमला कर दिया। कुत्ता गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास कुछ पदचिह्न भी मिले हैं, लेकिन वन विभाग के जिम्मेदारों ने तेंदुआ होने की बात सिरे से खारिज कर दी, लेकिन लकड़बग्घे जैसे किसी जंगली जानवर के होने की बात स्वीकार की।
बीते रविवार की दोपहर सांडी कस्बे के नवाबगंज में सुनील वाजपेयी के घर पर तेंदुए ने हमला बोला था। सुनील वाजपेयी घायल हो गए थे। इसके बाद तेंदुआ घर में ही छिप गया था। रात भर चले सर्च ऑपरेशन में भी तेंदुए का कोई पता नहीं लगा था। इसके बाद माना जा रहा था कि तेंदुआ यहां से निकला गया है। बुधवार की देर शाम बघौली रोड पर स्थित एक ईंट भट्ठे के निकट यूकेलिप्टस के बाग में जंगली जानवर के पदचिह्न देखे गए। ग्राम भीखपुर में बुधवार रात ढाई बजे सतीश अग्निहोत्री के पालतू कुत्ते को किसी जंगली जानवर ने हमला कर घायल कर दिया। इसकी भी जानकारी वन विभाग को दी गई।
हरपालपुर के रेंजर हनुमान प्रसाद, वीके शुक्ला, मदन पाल आदि ने मौके पर पहुंचकर जांच की। इस दौरान रेंजर हनुमान प्रसाद के साथी प्रभागीय वन अधिकारी रवि शंकर शुक्ल ने बताया कि कुत्ते पर हमले से लेकर पदचिह्न तक की पड़ताल कराई गई। तेंदुआ होने की पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों ने जिस तरह के जानवर को देखने की बात कही है वह लकड़बग्घा है। फिर भी सतर्कता बरती जा रही है और लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।