हरपालपुर (हरदोई)। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम हड़हा में मामूली विवाद में किसान को घेर कर पिटाई कर दी गई। जिला अस्पताल में घायल किसान ने दम तोड़ दिया। किसान के भाई की तहरीर पर निवर्तमान प्रधान के पति समेत छह लोगों के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या, मारपीट और बलवे की रिपोर्ट दर्ज की गई।
सोमवार की शाम मिरगावां निवासी राम प्रकाश ट्रैक्टर ट्राली में गन्ना लादकर सवायजपुर की तरफ जा रहा था। हड़हा निवासी शिव सिंह गांव में मुख्य मार्ग पर राजेंद्र के घर के सामने की ओर खड़ा था। इसी दौरान ट्रैक्टर ले जा रहा राम प्रकाश वहां रुक गया। आरोप है कि शराब के नशे में राम प्रकाश ने शिव सिंह से गाली गलौज करना शुरू कर दी। इसी बीच गांव के अन्य लोग आ गए तो मामला शांत हो गया। इसके बाद राम प्रकाश अपने गांव से दो ट्रैक्टर ट्रालियों में ग्रामीणों, एक वैन में मिरगावां के निवर्तमान प्रधान पति छंगे लाल, मान सिंह, होरी लाल, विनय प्रताप, राम प्रकाश आदि के साथ गांव आ गया। यहां शिव सिंह के घर पर आरोपियों ने चढ़ाई कर दी। घर में घुसकर शिव सिंह के भाई कंबू (31) को लाठी डंडों और रॉड से पीटने लगे। अन्य परिजनों के आ जाने पर मारपीट कर रहे लोग अपने-अपने वाहन छोड़ भाग गए। गंभीर रूप से घायल कंबू को लेकर परिजन हरपालपुर कोतवाली गए और फिर वहां से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरपालपुर गए। हरपालपुर से चिकित्सक ने कंबू की हालत गंभीर बताते हुए जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। जिला चिकित्सालय में उपचार के दौरान मंगलवार तड़के कंबू की मौत हो गई। घटना की जानकारी से परिजनों में कोहराम मच गया। पत्नी पूनम और मां रामबेटी बदहवास हो गईं। मृतक के दो पुत्रियां व एक पुत्र भी है।
कोतवाल शैलेंद्र सिंह ने बताया कि शिव सिंह की तहरीर पर मिरगावां के निवर्तमान प्रधान के पति छंगे लाल समेत छह लोगों के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या, घर में घुसकर मारपीट करने और बलवा की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। मौके से दो ट्रैक्टर, एक वैन, एक स्कार्पियो भी बरामद की गई है।
तो गन्ने से लगी खरोंच पर आपत्ति जताना बन गया मुसीबत :
गांव से जुड़े विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक घटना की वजह वास्तव में गन्ने से लगी खरोंच पर आपत्ति जताना था। दरअसल, हड़हा से जब राम प्रकाश गन्ना भरी ट्रैक्टर ट्राली लेकर निकला तो ट्राली में लदे गन्ने बाहर की ओर लटक रहे थे। इन्हीं में से कुछ गन्ने पास में खड़े शिव सिंह के हाथ से रगड़ते चले गए। इसके कारण शिव सिंह के हाथ में खरोंच आ गई। इसी पर आपत्ति जताई गई तो राम प्रकाश को नागवार गुजरा। बाद में वह अपने साथियों के साथ हड़हा में घुस आया और घटना को अंजाम दे दिया।