शाहाबाद (हरदोई)। 22 जनवरी की रात शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र से पिकअप समेत लापता चालक की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पिकअप लूटने के बाद करीबी ने ही चालक की गला दबाकर हत्या कर शव गन्ने के खेत में फेंक दिया। पिकअप शाहजहांपुर जिले के निगोही में अलग-अलग हिस्सो में बेच दी गई थी। पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
शाहाबाद कोतवाली व कस्बे के मोहल्ला अल्हापुर इब्नेजई निवासी संजय कुमार (27) वाहन चालक था। करीब 15 दिन से मोहल्ला पठकाना निवासी मुकेश शुक्ला की पिकप चला रहा था। 22 जनवरी की रात ग्राम फिरोजपुर खुर्द निवासी रामू ने संजय को फोन कर 1500 रुपये भाड़े पर सामान ले जाने के लिए ग्राम परियल बुलाया था। इसके बाद संजय का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। कोई सुराग न मिलने पर पिकप मालिक मुकेश शुक्ला ने 24 जनवरी को घटना की जानकारी और तहरीर शाहाबाद कोतवाली में दी। इस पर शाहाबाद कोतवाल शिवशंकर सिंह ने संजय की मां रूपकली को बुलाकर जानकारी ली थी। पुलिस ने रूपकली की तहरीर पर संजय की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की थी। रूपकली ने पुलिस को बताया था कि 22 जनवरी की रात साढ़े नौ बजे उसकी बात संजय से हुई थी। तब उसने बताया था कि वह परियल पहुंच गया है। इसके बाद उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया था। शंका होने पर पुलिस ने रामू को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो पूरी घटना खुल गई। रामू ने पुलिस को बताया कि उसने साथी चांद निवासी रुकनपुर हुसैनपुर थाना रोजा जिला शाहजहांपुर के साथ मिलकर पिकअप लूट ली और संजय की गला दबाकर हत्या कर दी। संजय का शव ग्राम हिरौली कुतुबनगर के पास गन्ने के खेत में छिपा दिया। कोतवाल शिवशंकर सिंह ने इसकी आला अफसरों को जानकारी दी। शाम को एएसपी पश्चिमी कपिल देव सिंह, सीओ शाहाबाद राकेश वशिष्ठ भी कोतवाली पहुंचे और रामू की निशानदेही पर गन्ने के खेत से संजय का शव बरामद कर लिया। कोतवाल शिव शंकर सिंह ने बताया कि लूटी गई पिकअप को शाहजहांपुर के निगोही के मोहल्ला खलिया निवासी मोहम्म्द शादाब को बेच दिया। यहां पिकप काटी गई। मोहम्मद शादाब को भी गिरफ्तार कर लिया है। घटना के पीछे मुख्य वजह चांद और रामू भी पिकअप चलाते हैं। चांद की पिकअप पुरानी हो गई है, जबकि मुकेश ने 28 दिसंबर को ही पिकअप खरीदी थी। चांद की पिकअप नई करने के चक्कर में रामू ने घटना को अंजाम दिया और चांद भी इसमें शामिल रहा।