जांच करते कोतवाल गांगेश शुक्ला। संवाद
- फोटो : HARDOI
हरदोई। देहात कोतवाली के ग्राम कौढ़ा में सोमवार की रात घर के कमरे में चारपाई पर सो रहे हिस्ट्रीशीटर के सिर पर कुल्हाड़ी मारकर उसी के भाई ने हत्या कर दी और भाग गया। हिस्ट्रीशीटर के अन्य भाई ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें बताया है कि मृतक की पत्नी हत्यारोपी भाई के साथ रहती थी। इसी को लेकर दोनों में विवाद था।
कौंढ़ा निवासी मुन्ना (50) हिस्ट्रीशीटर था। सोमवार की रात वह घर में कमरे में चारपाई पर सो रहा था। इसी दौरान उसके छोटे भाई प्रभु ने कुल्हाड़ी से उसके सिर व चेहरे पर कई वार कर उसकी हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देकर प्रभु मौके से भाग गया। इधर, चीख पुकार सुनकर परिजन व ग्रामीण मौके पर आ गए। सूचना मिलने पर सीओ सिटी विकास जायसवाल व कोतवाल गंगेश शुक्ला भी मौके पर पहुंच गए।
मृतक के भाई रामचंद्र ने बताया कि नौ वर्ष पूर्व बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र में हुई हत्या के मामले में मुन्ना को जेल भेज दिया गया था। इसके बाद से मुन्ना की पत्नी आशा अपनी बेटी के साथ मुन्ना के ही छोटे भाई प्रभु के साथ रहने लगी थी।
बताया कि दो वर्ष पूर्व ही सात वर्ष की सजा काटकर मुन्ना जमानत पर घर आया था। तब से वह यहीं रह रहा था। मुन्ना और उसके भाई के बीच आशा को लेकर विवाद चल रहा था। कई बार पहले भी दोनों में मारपीट हो चुकी है। रामचंद्र ने बताया कि इसी विवाद के चलते सोमवार की रात भाई प्रभु ने मुन्ना की हत्या कर दी। परिजनों से पूछताछ के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सीओ सिटी विकास जायसवाल ने बताया कि रामचंद्र की तहरीर पर प्रभु के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। बताया कि एएसपी पश्चिमी दुर्गेश कुमार सिंह ने निर्देश पर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित की हैं। आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
मुन्ना के जेल जाने पर नजदीक आ गए थे आशा और प्रभु
हरदोई। मुन्ना के जेल जाने के बाद से उसकी पत्नी आशा की अपने देवर प्रभु से नजदीकियां बढ़ गईं थीं। इसके बाद से दोनों एक साथ रहने लगे थे। आशा को मुन्ना से एक बेटी चांदनी थी। वहीं प्रभु के साथ रहने के दौरान आशा ने चार अन्य बच्चों को भी जन्म दिया। परिजनों के मुताबिक दो वर्ष पूर्व जेल से छूटकर आने के बाद मुन्ना व प्रभु के बीच आशा को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। मुन्ना के काफी कहने के बाद भी आशा उसके साथ रहने को तैयार नहीं थी। यही बात दोनों भाइयों के बीच विवाद की वजह बनी हुई थी। इधर, मुन्ना का दबाव बढ़ने पर ही प्रभु ने इस घटना को अंजाम दे दिया।