शहर कोतवाली क्षेत्र में रद्वेपुरवा रोड स्थित खेत
में शनिवार सुबह दो नवजात के शव मिलने से सनसनी मच गई। मौके पर पूजन
सामग्री का मिलना और बच्चों के अंग भंग होने की वजह से बलि की बात को बल
मिला। दो नवजात की बलि चढ़ाने की चर्चा शुरू होते ही तमाम लोग मौके पर
पहुंच गए।
घटना स्थल जहां पर लाल कपड़ा और पूजन सामग्री पाई गई। उससे
20 मीटर की दूरी पर आलू के खेत में बालक का क्षत विक्षिप्त शव पड़ा था।
उससे 50 मीटर की दूरी पर बालिका का शव मिला। घटना स्थल से चंद कदम की दूरी
पर एक ईंट भट्ठा है।
घटना स्थल पर मौजूद लोगों द्वारा श्रंगार सामग्री देख
कर अनुमान लगाया जा रहा कि पहले नवजात बालिका का पूर्ण श्रंगार किया गया
होगा और उसके बाद दोनों की हत्या की गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने आसपास के
गांवों में यह भी पता कराने की कोशिश की कि किस परिवार में प्रसूता है,
लेकिन किसी प्रसूता के बच्चे गायब हैं, यह जानकरी देर शाम तक नहीं मिल सकी।
उधर, कोतवाल नागेश मिश्र ने कहा कि मामला उलझा हुआ है।
कहा कि संभावना
है कि किसी ने नवजात शिशुओं को वहां पर फें का है। ग्रामीण बलि की बात कह
रहे हैं, लेकिन बलि की बात होती तो हाथ पैर नहीं, बल्कि गर्दन कटी होती।
फिलहाल जांच की जा रही है। उधर, माधौगंज क्षेत्र के ग्राम रूदामऊ में आठ
मार्च को बनवारी के 12 वर्षीय पुत्र मुकेश की गला दवा कर हत्या शव जगदेवी
मंदिर के पीछे एक सरसों के खेत में पड़ा मिला था।
पिता ने बताया कि गांव के
रामऔतार और उसकी मां राम दुलारी ने बलि देने को उसके पुत्र को गायब कर
दिया था और उसी ने तंत्र विद्या से उसके पुत्र की गला दबाकर हत्या कर दी
थी। इस मामले में मां-बेटे व तांत्रिक को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर जेल
भेज दिया गया था।