फोटो-27-गोशाला में गोपूजन करते विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू। स्रोत स्वयं
हरदोई। गोशालाएं सिर्फ पशुओं का आश्रयस्थल नहीं हैं। ग्रामीणों के लिए गोशालाएं आजीविका, जैविक खेती और सामाजिक सद्भाव का आधार भी हैं। गोशाला ग्रामीण विकास का आदर्श मॉडल हैं। गोशाला से ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। यह बात सवायजपुर विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू ने कही। वह भरखनी विकास खंड की अमिरता गोशाला के दूसरे स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू और सीडीओ सान्या छाबड़ा ने संयुक्त रूप से गोपूजन कर किया। विधायक ने कहा कि गोशाला के बेहतर प्रबंधन और सुविधाओं के विस्तार के लिए हर संभव सहयोग दिया जाएगा। सीडीओ ने गोशाला में चल रहे कार्याें का जायजा लिया। उन्होंने गोबर आधारित जैविक खाद, जीवामृत, घनामृत, गौकास्ठ, हवन सामग्री और दुग्ध उत्पादन जैसी पहल को सराहा। विधायक और सीडीओ ने गोशाला का बेहतर प्रबंधन कर रहे दस केयर टेकरों को कंबल देकर सम्मानित किया।
गोशाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह सेनानी ने बताया कि आने वाले समय में गोशाला में चारा बैंक बनाया जाएगा। अनुवांशिक अनुसांधन और बेहतर गुणवत्ता वाले सीमेन उपलब्ध कराने के लिए अत्याधुनिक ब्रीड डेवलपमेंट सेंटर बनाए जाने की बात भी उन्होंने कही। कार्यक्रम का संचालन विधायक प्रतिनिधि डॉ. रजनीश त्रिपाठी और सुनील कुमार ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में सीवीओ डाॅ. अशोक सिंह, एसटीओ अनुराग द्विवेदी, एसडीएम मयंक कुंडू, बीडीओ अशोक द्विवेदी आदि मौजूद रहे।