पानी की निकासी को लेकर चल रहे विवाद मेें रविवार को
वकील ने दिनदहाड़े सभासद के पति की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना को अंजाम
देकर फ रार हो रहे आरोपी को लोगों ने दौड़ाकर पकड़ लिया और बंदूक
क्षतिग्रस्त कर जमकर धुनाई कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को कब्जे
में लेकर कोतवाली भेजा।
एसपी समेत अन्य अफसर मौके पर पहुंचे और घटना की
जानकारी ली। आरोपी अधिवक्ता संघ का पूर्व कनिष्ठ उपाध्यक्ष है। कोतवाली
क्षेत्र के बरुआ बाजार निवासी सभासद प्रेम कुमारी के पति रामसेवक उर्फ बड़े
(52) का घर के सामने रह रहे वकील रमाकांत त्रिपाठी से पानी के निकास को
लेकर विवाद चल रहा था।
इसको लेकर कई बार कहासुनी हुई। रविवार को मोहल्ले
में स्थित एक बिजली के खंभे के पास रामसेवक खड़े थे। आरोप है कि इसी दौरान
रमाकांत अपनी लाइसेंसी बंदूक लेकर वहां पहुंचे और रामसेवक के ऊपर फायर झोक
दिया। गोली सीने पर लगी, जिससे वह घटनास्थल पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़े।
इस दौरान मौका पाकर रमाकांत बंदूक लेकर फरार हो गए। इधर, घटना की जानकारी
मिलते ही मौके पर पहुंचे परिजन आनन फानन में घायल को अस्पताल ले गए जहां
चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। उधर, घटना की जानकारी मिलते ही
पालिका के सभासद समेत कई लोग कोतवाली पहुंचे और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग
करने लगे।
इसी दौरान जानकारी मिली की आरोपी नक्खाशा रोड पर मौलागंज की ओर
जाते देखा गया है। जिस पर भीड़ ने पीछा किया और मौलागंज स्थित भाजपा नेता
राजेश मिश्रा की गली में उसे पकड़ लिया और उसकी जमकर धुुनाई करते हुए बंदूक
क्षतिग्रस्त कर दी।
जानकारी मिलते ही सरदारगंज चौकी प्रभारी अशोक सिंह,
दारोगा अंबरीश सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और किसी तरह से आरोपी को
भीड़ से छुड़ाकर कोतवाली ले गए। इधर, घटना की जानकारी पर एसपी उमेश सिंह,
एएसपी प्रदीप गुप्ता समेत अन्य अफसर मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली।
एसपी
के निर्देश पर पुलिस ने शव का पंचनामाभर पोस्टमार्टम को भेजा। उन्होंने
बताया कि पत्नी की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई।
उधर, करीब तीन माह पहले अधिवक्ता संघ की हड़ताल के दौरान आरोपी वकील
रमाकांत त्रिपाठी ने पुलिस पर पीटने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था।
जिला अस्पताल पहुंचने पर उसने कोतवाली पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए
अधिवक्ता संघ पदाधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश की थी। संघ
पदाधिकारियों ने मामले में अधिवक्ता से स्पष्टीकरण भी तलब किया था।