शाहाबाद। पत्नी के नाम से दुकान आवंटन में एक सभासद फंसते नजर आ रहे हैं। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी ने सभासद के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कराई है।
कोतवाली में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में दुकान आवंटन का मामला तत्कालीन बोर्ड के कार्यकाल के समय का बताया गया है। ईओ सर्वेश कुमार ने बताया कि बुध बाजार निवासी अजहर मसूद साल 2000-2005 तक सभासद थे। अजहर मसूद का कार्यकाल 30 नवंबर 2005 तक था। निकाय की तरफ से दुकानों के आवंटन के लिए उसी समय नीलामी प्रक्रिया कराई गई थी। बताया कि तत्कालीन सभासद ने कार्यकाल पूरा होने से एक दिन पहले 29 नवंबर 2005 को तथ्यों को छिपाकर नीलामी प्रक्रिया में शामिल हुए।
बताया कि उस समय सभासद रहते हुए अजहर मसूद ने पत्नी नाहिद अख्तर के नाम से एक दुकान आवंटित करा ली। इसके बाद पालिका से अनुबंध भी कर लिया। अधिशासी अधिकारी ने बताया कि सभासद रहते हुए उसी निकाय में अपने और परिवार के किसी भी सदस्य को पालिका से किसी प्रकार का कोई लाभ नहीं दिला सकता है। यह जानने के बावजूद तथ्यों को छिपाकर नगर पालिका की दुकान आवंटन की नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने के साथ ही पत्नी के नाम से बोली भी लगाई और दुकान आवंटित करा ली। अजहर मसूद वर्तमान में भी वार्ड संख्या 10 बुधबाजार से सभासद हैं। कोतवाल अरविंद कुमार राय ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।