हरदोई। सोमवार से वित्तीय वर्ष 2024-25 शुरू हो गया है। इसी के साथ रविवार को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2023-24 में जारी बजट में से विभिन्न विभागों ने करीब 20 करोड़ रुपये सरेंडर कर दिए।
विभिन्न कार्यदायी संस्था, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी राशि में से बड़ी मात्रा में राशि के खर्च न होने पर इसे सरेंडर किया गया है। विभागाध्यक्षों ने शासन को सीधे राशि समर्पित की है।
निर्माण कार्यों के साथ ही अन्य जरूरी संसाधनों को जुटाने के लिए शासन की ओर से विभागों की कार्ययोजना की स्वीकृति और मांग पर बजट प्राप्त कराया जाता है।
वित्तीय वर्ष 2023-24 में विभागों को भरपूर बजट जारी हुआ, विभागों की ओर से इसे खर्च भी खूब किया गया। लेकिन, वित्तीय वर्ष की समाप्ति और लोकसभा चुनाव की अधिसूचना प्रभावी होने से अधिकारियों की व्यस्तता के चलते काम की गति प्रभावित हुई। कई विभागों में मार्च में ही बजट जारी होने से खर्च न के बराबर ही हो पाया।
विभागों की ओर से बजट सरेंडर किए जाने के पीछे कारणों में अधिकारियों ने बताया कि मार्च माह में ही जारी बजट से काम कराया जाना संभव नहीं था। अनियमित खर्च के बजाय इसके सरेंडर किया जाना उचित लगा।
वरिष्ठ कोषाधिकारी डॉ. अनुराग द्विवेदी ने बताया कि विभागाध्यक्षों की ओर से सीधे बजट सरेंडर किया गया है। बजट सरेंडर होते ही संबंधित विभागों के बजट मदों के अनुसार बजट शून्य हो गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने 50 प्रतिशत ही बजट ही खर्च किया
बताया गया कि वित्तीय वर्ष में 2023-24 में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से 50 प्रतिशत, पीडब्ल्यूडी की ओर से भवन निर्माण मद में 54, सिंचाई विभाग की ओर से 31 प्रतिशत ही बजट का उपभोग किया गया है। ऐसे ही अन्य विभागों में भी 70-80 प्रतिशत तक ही बजट खर्च किया जा सका है।