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71 बरस बाद बूढ़े बाबा ने श्रद्धालुओं को नहीं दिए दर्शन

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हरदोई। वर्ष 1949 के बाद 71 वर्षो में शायद पहला शुक्रवार होगा जब श्रद्धालुओं को हरदोई बाबा महाराज ने दर्शन नहीं दिए और उनके कपाट आम दर्शन के लिए बंद रहे। कोरोना के चलते मंदिर को अग्रिम आदेशों तक बंद किया गया है। इधर मंदिर द्वार बंद होने से काफी संख्या में श्रद्धालु मायूस लौटते दिखे।
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हरदोई बाबा मंदिर लगभग 400 वर्ष प्राचीन देवस्थान है। यह ऐतिहासिक मंदिर प्रहलाद घाट से कुछ दूरी पर है। मंदिर की शुरूआत पुजारी चंदन लाल दीक्षित ने की थी। इनके बाद राम नारायण दीक्षित ने मंदिर का जीर्णोद्धार कराया। तब से लेकर आज तक लगातार प्रतिदिन सफाई, पूजन व आरती होती रही है। कोरोना के चलते संक्रमण की संभावनाओं को देखते हुए मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए हैं।
मंदिर व्यवस्थापक कृष्ण अवतार दीक्षित ने बताया कि कोरोना के खतरे को लेकर यह कदम उठाया गया है। जैसे ही स्थितियां सामान्य होंगी वैसे ही मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे।
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हरदोई। कोरोना किस तरह प्रभावी है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पूर्व में जिले में जब कर्फ्यू लगाया गया था जब भी मंदिर नहीं बंद किया गया था। कोरोना के खतरे में यह बंद किया गया है।
हरदोई। मंदिर संचालक कृष्ण अवतार दीक्षित ने बताया कि जिले के ही नहीं आस पास जनपदों के लोग बूढे बाबा महाराज को कुलदेवता मान लिया है जिसके बाद यहीं मुंडन संस्कार होते हैं जिसमें काफी संख्या में लोग मौजूद रहते हैं जिससे भीड़ रहती है।
हरदोई। भीड़ के चलते संक्रमण की संभावना को देखते हुए शहर के अन्य मंदिरों में भी इसका खतरा बढ़ सकता है जिसके बाद इन मंदिरों को भी अग्रिम आदेशों तक जनता दर्शन के लिए बंद किया जा सकता है।
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