हरदोई। मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल के वार्डाें में कूलर नहीं लगे हैं। इसकी वजह तलाशी तो पता चला कि कूलर लगाने वाला इलेक्ट्रीशियन बहुत ज्यादा व्यस्त है। इस बात की पड़ताल की गई तो जानकारी मिली कि कूलर आईपीडी के नए भवन के हॉल में बंद हैं। समस्या व्यस्तता की नहीं, समन्वय और संवेदनशीलता की है। इलेक्ट्रीशियन का तर्क है कि कूलर दो घंटे में लग जाएंगे लेकिन आईपीडी भवन से इन्हें महिला अस्पताल तक पहुंचाने का कोई इंतजाम नहीं है।
महिला अस्पताल में हर रोज बड़ी संख्या में महिलाएं भर्ती की जाती हैं। प्रसव के बाद प्रसूता और नवजात को कुछ दिन तक अस्पताल के अलग- अलग वार्डाें में रखा जाता है। भीषण गर्मी के कारण वार्डाें में बैठना तक मुश्किल हो जाता है। दरअसल यहां पंखे लगे हैं लेकिन यह भी बेहद धीमे चलते हैं। एक भी कूलर वार्ड में नहीं लगा है। प्रसूताओं और नवजातों को इस कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
मजबूरी में ही सही, मरीजों के तीमारदार घरों से पंखा लाकर वार्ड में लगाते हैं। ज्यादातर मरीजों के बेड के आसपास उनके निजी पंखे लगे हैं। इससे इन लोगों को थोड़ी राहत मिल पाती है। खास बात यह है कि मेडिकल कॉलेज में महिला अस्पताल के वार्डाें में लगाने के लिए कूलर पर्याप्त हैं लेकिन फिर भी यह लग नहीं पा रहे। दरअसल जिम्मेदारों का कहना है कि कूलर तो हैं लेकिन इनकी फिटिंग करने वाले मिस्त्री के पास वक्त नहीं है, जब उसके पास समय होगा तभी कूलर लग पाएंगे। (संवाद)
केस-1- फर्रुखाबाद जिला निवासी अनुज की सुसराल बावन ब्लॉक के सधई बेहटा में है। उनकी पत्नी हीना को शनिवार को ऑपरेशन से बच्चा हुआ है। ऑपरेशन के बाद उन्हें वार्ड में भर्ती करवा दिया गया। उमस भरी गर्मी में बचाव के लिए उन्हें घर से पंखा लाना पड़ा।
केस- 2- बावन निवासी आदेश की पत्नी सीतू को चार दिन पहले ऑपरेशन से बच्चा हुआ था। आदेश ने बताया कि वार्ड में उमस से जीना मुहाल है। सिर्फ पंखे ही चल रहे हैं उनमें हवा भी नहीं लग रही है। पत्नी को गर्मी से परेशान होता देख घर से पंखा लेकर आए हैं।
महिला अस्पताल में मंगवा दें कूलर, हम लगा देंगे : गुड्डू
डॉ. अभिरव अवस्थी से मिली जानकारी के आधार पर इलेक्ट्रीशियन गुड्डू से बात की गई। गुड्डू ने कहा कि व्यस्तता तो है लेकिन इतनी ज्यादा भी नहीं कि कूलर न लगाए जा सकें। उन्होंने बताया कि कूलर आईपीडी के हॉल में बंद हैं। वहां से वार्ड तक कूलर लाने का इंतजाम तो मेडिकल कॉलेज वालों को ही करना पड़ेगा। कूलर वार्ड में आने के दो घंटे के अंदर लगा दिए जाएंगे।
वार्डों के लिए नहीं मिल रहे कूलर, यहां दो-दो चल रहे
वार्ड से निकलते समय अचानक नजर पड़ी कर्मचारियों के कक्ष पर। अंदर का नजारा थोड़ा अचरज में डालने वाला था। यहां एक ही कक्ष में दो कूलर लगे थे दोनों कूलर चल भी रहे थे लेकिन यहां मौजूद कोई नहीं था। जाहिर सी बात है कि वार्डाें के लिए कूलर नहीं मिल रहे और कर्मचारियों की गैरहाजिरी में भी कूलर चल रहे हैं।
कूलर की कोई समस्या नहीं है। महिला अस्पताल के लिए 15-20 कूलर हैं। मिस्त्री से कूलर लगाने के लिए कहा गया था लेकिन उसने अभी समय न होने की बात कही, जब उसके पास समय होगा तो कूलर लगवा दिए जाएंगे। -डॉ. अभिरव अवस्थी, प्रबंधन प्रभारी, मेडिकल कॉलेज
फोटो-07- महिला चिकित्सालय में खाली पड़े स्टाफ रूम में चल रहे कूलर। संवाद