परिषदीय स्कूलों में टीचर बनने आए टीईटी आवेदकों को
बीएसए कार्यालय से आवेदन पत्रों का वितरण गुरुवार को देर शाम तक जारी रही।
वहीं रोस्टर के अनुसार स्कूलों को आवंटन होने से महिलाओं व विकलांगों को भी
सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में तैनाती कर दी गई।
इससे वह विद्यालय संशोधन
कराने को परेशान रहे। पूरे दिन बीएसए कार्यालय पर आवेदकों की भारी भीड़ लगी
रही। ज्ञात हो कि प्रदेश सरकार ने टीईटी उत्तीर्ण आवेदकों की मेरिट के
अनुसार काउंसिलिंग कराकर परिषदीय स्कूलों में तैनाती शुरू कर दी है। इनको
पहले छह माह प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसके बाद उनको सहायक टीचर पर तैनाती की
जाएगी। जिले में 3000 पदोें पर नियुक्ति की जानी थी। जिसके लिए पहली सूची
2668 आवेदकों की जारी की गई थी। जिसमेें से 1620 ने स्कूलों में ज्वाइनिंग
कर ली थी। इसके बाद पद शेष रहने पर डायट की ओर से द्वितीय सूची 914 आवेदकों
की सूची जारी की गई थी।
जिनके नियुक्ति पत्रों का विभाग की ओर से वितरण
मंगलवार को शुरू किया गया था, जो गुरुवार को भी जारी रहा। गुरुवार को
नियुक्ति पत्र पाने को बीएसए कार्यालय में आवेदकों की भीड़ लगी रही। जिले
में प्रशिक्षु टीचरों को रोस्टर के अनुसार ही स्कूलों का वितरण किया गया,
जिससे महिलाओं व विकलांगों को ग्रामीण क्षेत्र में सुदूर स्कूलों में
तैनाती मिल गई है।
इससे स्कूल में संशोधन कराने को बीएसए कार्यालय में
प्रशिक्षु टीचरों की प्रतिदिन भीड़ लग रही है। पटल सहायक मनोज मिश्र ने
बताया कि अभी वितरण जारी है, इसलिए प्रशिक्षु टीचरों की संख्या की गणना
नहीं की जा सकी है।
इस बाबत बीएसए डा. बृजेश मिश्र ने बताया कि प्रशिक्षण
में सहायक टीचर नियमावली प्रभावी नहीं होती है, इसलिए रोस्टर के अनुसार
स्कूलों का वितरण किया गया। जो महिलाएं और विकलांग समस्या लेकर आए उनकी
समस्या को देखते हुए स्कूलों में संशोधन कर दिया गया है।