हरदोई। चिन्मयानंद प्रकरण में पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए पदयात्रा में शाहजहांपुर जा रही कांग्रेस की महिला नेताओं और विधायक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बेहटागोकुल में गिरफ्तार 67 कांग्रेसियों को पुलिस लाइन में नजरबंद रखा गया तो शाहाबाद में पूर्व मंत्री समेत 10 को डाक बंगले में नजर बंद कर लिया गया।
सोमवार सुबह बेहटागोकुल पुलिस ने एक ट्रक रोड पर खड़ा करके शाहजहांपुर जाने वाली लाइन ब्लाक कर दी और थाना प्रभारी राकेश आनंद पुलिस फोर्स के साथ रोड पर आ गए। कुछ समय बाद मुख्यालय की तरफ से गुजरे कांग्रेसियों के काफिले को बेहटागोकुल पुलिस ने रोक लिया। इससे नाराज कांग्रेस की महिला नेताओं ने थाने के सामने रोड पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी। सीओ नागेश मिश्र के समझाने पर भी कांग्रेसी नहीं माने और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुष्मिता देव ने कहा कि जब पीड़िता ने बयान दे दिया है तो पुलिस कार्रवाई क्यों नहीं कर रही। उन्होंने मांग की कि चिन्मयानंद पर बयान के आधार पर मुकदमा चलाया जाए।
उन्होंने पुलिस प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया। महिला प्रदेश अध्यक्ष ममता चौधरी ने आरोप लगाया कि भाजपा के इशारे पर पीड़िता को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दस महिलाओं से सरकार डर गई है, इसलिए उनको पीड़िता के घर नहीं जाने दिया जा रहा है। विधायक आराधना मिश्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है।
निवर्तमान जिलाध्यक्ष डॉ. राजीव सिंह लोध ने कहा की पदयात्रा को मंजूरी न देना दर्शाता है कि मौजूदा सरकार दोषियों को बचा रही है। राष्ट्रीय महासचिव सवीना शफीक ने बेहटागोकुल से हरदोई पैदल मार्च करने की बात कही, लेकिन पुलिस ने मना कर दिया। करीब एक घंटे रोड पर बैठने के बाद सीओ नागेश मिश्र ने धारा 144 की बात कहकर सभी महिला कांग्रेसियों को कस्टडी में ले लिया। उन्हें पुलिस लाइन ले गए। देर शाम सभी को एसडीएम राकेश गुप्ता की मौजूदगी में छोड़ा गया।
करतूत न उजागर हो, इसलिए पदयात्रा से रोका : नसीमुद्दीन
शाहाबाद। प्रदेश के पूर्व मंत्री व कांग्रेस नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी सहित दस लोगों को नगर के शाहजहांपुर बार्डर पर सुबह ही हिरासत में ले लिया गया और डाकबंगले में नजर बंद कर दिया गया। पूर्व मंत्री अपने साथियों प्रदेश सचिव ऊषा रानी, सतीश आजवानी, सईद सिद्दीकी, मो. आकिल, आलोक प्रसाद, ध्रु्व जायसवाल आदि के साथ कांग्रेस द्वारा आयोजित पदयात्रा में भाग लेने शाहजहांपुर जा रहे थे।
इसी बीच नगर के सरदारनगर बार्डर पर एसडीएम अतुल प्रकाश श्रीवास्तव ने कोतवाली पुलिस के साथ सभी नेताओं को गिरफ्तार कर डाकबंगले में नजर बंद कर दिया। डाकबंगले में पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने पत्रकारों से वार्ता में कहा कि पुलिस ने शाहजहांपुर की पीड़िता को जेल भेज दिया जबकि आरोपी व्यक्ति बीमार न होते हुए भी अस्पताल में आराम फरमा रहा है।
भाजपा की करतूत उजागर न हो जाए, इसीलिए रोका गया है। उन्होंने कश्मीर में धारा 370 हटाने पर सवालिया निशान लगाया। उन्होंने दावा किया कि 2022 के विधान सभा चुनाव में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनेगी।
गिरफ्तार होने वालों में ये भी शामिल रहे
हरदोईा। पुलिस लाइन में गिरफ्तार होने वालों में प्रदेश महासचिव प्रमोद कुमार सिंह, राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत्र, प्रदेश अध्यक्ष मध्य जोन ममता चौधरी, प्रतिभा अटल महिला प्रदेश अध्यक्ष पश्चिम जोन, सहला अरिहरि महिला प्रदेश अध्यक्ष पूर्वी जोन, शबीना शफीक राष्ट्रीय सचिव, नंदिता हुड्डा राष्ट्रीय सचिव महिला प्रभारी उत्तर प्रदेश महिला कांग्रेस, सना प्रदेश सचिव महिला, शिप्रा अवस्थी प्रदेश महिला महासचिव, ओंकार नाथ सिंह प्रदेश प्रवक्ता, शैलेंद्र तिवारी, विक्रम पांडे प्रदेश सचिव ,वीरेंद्र वर्मा पूर्व प्रत्याशी सहित करीब 67 कांग्रेसी शामिल रहे।
शाहजहांपुर पुलिस लाइन में बैठाए गए 22 कांग्रेसी
हरदोई। गाड़ी में कांग्रेस का झंडा न लगा होने के बाद निवर्तमान शहर अध्यक्ष शशि भूषण शुक्ल शोले सहित दो अन्य वाहनों को पुलिस नहीं रोक सकी और वह सभी शाहजहांपुर पहुंच गए, लेकिन वहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और पुलिस लाइन में रखा गया। देर शाम तक मुचलका भरकर सभी को छोड़े जाने की बात की जा रही थी। लेकिन मुचलका भरने को वह राजी नहीं हुए।