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Hardoi News: दौड़ पर दौड़ लगा रहे फरियादी, समस्या वहीं की वहीं

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फोटो-06- सवायजपुर तहसील में शिकायतें सुनते जिलाधिकारी अनुनय झा साथ में एसपी अशोक कुमार मीणा। सं
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सवायजपुर। आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए संपूर्ण समाधान दिवस में सुनवाई की जा रही है लेकिन सवायजपुर की स्थिति बेहद खराब है। लोग अपनी समस्याओं के निस्तारण के लिए ठोकरें खा रहे हैं, एक-दो बार नहीं चार से पांच बार शिकायती पत्र देने के बाद भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।
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शनिवार को तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता जिलाधिकारी अनुनय झा ने की। तहसील सभागार में फरियादों की भीड़ और व्यवस्था देखकर जिलाधिकारी का पारा चढ़ गया और उन्होंने तहसीलदार विनोद कुमार को जमकर फटकार लगाई। फरियादियों की लाइन लगवाने के बाद बारी-बारी से उन्होंने सभी की शिकायतों को सुना और मौजूद अधिकारियों को नियत समय में निस्तारण के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने राजस्व व पुलिस को संयुक्त रूप से टीम बनाकर गांव-गांव मामलों के निस्तारण के भी निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक अशोक मीणा ने थानाध्यक्षों को रात्रि गश्त तेज करने अपराधियों पर शिकंजा कसने के निर्देश दिए। इस मौके पर एसडीएम अंकित तिवारी, सीएमओ डॉ. भवनाथ पांडेय, पीडी एके मौर्या, डीडीओ कमलेश कुमार, डीसी संतोष सिंह, डीपीआरओ श्रेया उपाध्याय सहित अधिकारी मौजूद रहे।
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बिलग्राम में संपूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता करते हुए अपर जिलाधिकारी दीपाली भार्गव ने समस्याओं को सुना। 104 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें छह का मौके पर निस्तारण किया गया। इस दौरान एसडीएम एनराम, सीओ रामसूरत सोनकर, तहसीलदार यशवंत सिंह मौजूद रहे।



केस एक : सिमरिया की रहने वाली राधा देवी ने बताया कि उनके पति की मौत तीन महीने पहले हो गई थी। दो छोटे बच्चों का कोई सहारा नहीं है। पारिवारिक लाभ व अन्य योजनाओं के लाभ के लिए वह तहसील के चक्कर काट रही हैं लेकिन लेखपाल आय प्रमाण पत्र नहीं बना रहे हैं। इसके चलते वह सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। तीसरी बार तहसील में आई हैं।



केस 2 : उमरौली गांव निवासी राजाराम के मुताबिक, वह अपने खेत की पैमाइश के लिए चार बार संपूर्ण समाधान दिवस में आ चुके हैं लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिलता है जबकि सभी औपचारिकता पूरी कर चुके हैं लेकिन कानूनगो व लेखपाल मौके पर जाकर उनकी भूमि की पैमाइश नहीं करते।



केस तीन : बेहथर से आए राजाराम पांचवीं बार शिकायत लेकर समाधान दिवस में आए थे। उनका कहना है कि उनकी कृषि भूमि की खतौनी पर पिता हरि दयाल का नाम गलत दर्ज हो गया है जिसको हटाने के लिए वह बीते दो वर्षों से तहसील में अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। शिकायत का फर्जी निस्तारण कर दिया जाता है।
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