प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के सत्ता से
हटने के बाद से उनके ड्रीम प्रोजेक्ट कांशीराम कालोनी लगातार उदासीनता और
उपेक्षा के पहाड़ तले दब कराह रही है। न कोई सुनने वाला है और न कोई देखने
वाला, लिहाजा गंदगी, जलभराव जैसी समस्याओं ने वहां अड्डा जमा लिया है।
आलम
यह है कि अभी कुछ दिन पूर्व प्रशासन द्वारा निरस्त किए गए आवंटनों एवं
बेदखली के बाद वहां के लोग काफी सहमे-सहमे हैं। लाचारी भरी निगाहों से वे
यही कह रहे कि अब अगले जनम मोहि गरीबी न दीजो, क्योंकि गरीबों की यहां कोई
सुनने वाला नहीं है।
ज्ञात हो कि तीन वर्ष पूर्व जब प्रदेश में बसपा की
सरकार थी तो मुख्यमंत्री के दौरों के दौरान वीवीआईपी के तौर पर जिला
प्रशासन की आंख के तारे रहने वाले कांशीराम कालोनी के लोग पिछले लंबे समय
से जलभराव और गंदगी की समस्या से जूझ रहे है।
कालोनी के कुछ हिस्सों ने
जलभराव के कारण लोगों का घरों से बाहर आना और जाना मुश्किलों भरा है।
जगह-जगह जलभराव तथा गंदगी से उठती सड़ांध जिला प्रशासन की लापरवाही एवं
उपेक्षा का आईना बनी हुई है। कालोनी में गंदगी और कूड़े के ढेर लग रहे
है। कूड़ा उठाया नहीं जा रहा है।
कालोनी वाले किसी से कुछ कह नहीं पा रहे,
क्योंकि उन्हें पता है जिस सरकार में उन्हें सिर छिपाने के लिए अपना
आशियाना मिला, अब वो सरकार नहीं है और आशियानों से हटाने का भी काम हो रहा,
लिहाजा ऐसे में कौन सुनेगा और किसको सुनाए इसी लिए चुपने में ही भलाई है।
शहर से सटे नानकगंज झाला के पास बसपा सरकार में पांच वर्ष पूर्व 1500
आवासों वाली कालोनी कांशीराम कालोनी के नाम से बसाई गई थी, जिसमें नगर
क्षेत्र के ऐसे गरीबों का अपना घर होने का सपना पूरा हुआ था जिनके पास अपना
कोई आशियाना नहीं था।
कालोनी में करीब पांच हजार से ज्यादा लोग निवास कर
रहे है और कालोनी में साफ सफाई से लेकर अन्य व्यवस्थाएं पूरी तरह से बदहाल
हैं। शहर से सटे नानकगंज में बसाई गई कांशीराम कालोनी के मुख्य प्रवेश
द्वार पर पहुंचते ही अहसास हो जाता है कि यहां किस तरह बदहाली पर लोग आंसू
बहा रहे हैं।
प्रवेश द्वार के पास जमा कचरे से उठती सड़ांध से आस पास स्थित
स्कूलों तक माहौल खराब कर रही है, पर इस कचरे को हटवाए जाने की जरूरत
जिम्मेदारों द्वारा नहीं समझी जा रही है। कालोनी के ब्लाक नंबर 104, 105,
106, 110, 112, 113 के पास की सड़क पर जलभराव है।
ओवर फ्लो होकर नालियों का
गंदा पानी सड़क काफी दिनों से भरा हुआ है, जिससे आवासों तक आवागमन के लिए
लोगों को काफी परेशानी हो रही है। कुछ घरों के बाहर कीचड़ जमा हुआ है।
नालियों का पानी भी नहीं निकल पा रहा, जिससे घरों के बाहर कीचड़ भरा हुआ है
और लोगों को काफी दिक्कते हो रही हैं।
सड़क की नालियां इस बात की गवाही
दे रही कि यहां पानी की निकासी की व्यवस्था चौपट होने के साथ ही साफ सफाई
की व्यवस्था भी चौपट है। इस तरह के दृश्य पूरी कालोनी की बदहाल हालत बता
रहे हैं, पर इस ओर जिम्मेदार बेखबर बने हुए हैं।