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सीएमएस कार्यालय के स्टाफ ने पीड़ित पति को दफ्तर से भगाया

Tue, 20 Jun 2017 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
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अस्पताल - फोटो : प्रत‌िकात्मक
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हरदोई। जिला अस्पताल में आग से गंभीर रूप से झुलसी महिला की इलाज के दौरान हालत गंभीर होने पर सोमवार को डॉक्टर ने लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। आर्थिक स्थिति सही नहीं होने के कारण पति एंबुलेंस से पत्नी को लखनऊ तक  भिजवाने के लिए सीएमएस कार्यालय गया। कार्यालय में बैठे स्टाफ ने उसकी बात सुने बिना ही दफ्तार से भगा दिया। प्राइवेट एंबुलेंस से पत्नी को लखनऊ ले गया।
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शहर कोतवाली के बरगदिया निवासी हरिश्चंद्र की पत्नी गंगावती (35) 14 जून को रसोई में खाना पका रही थी। इसी दौरान चूल्हे की चिंगारी छप्पर में पहुंच गई थी। इससे छप्पर में आग लग गई थी। गंगावती के बाहर निकलने से पहले ही छप्पर उसके ऊपर गिर गया था। चीख पुकार सुनकर पहुंचे हरिश्चंद्र ने किसी तरह उसे आग की चपेट से बाहर निकाला था।

पत्नी को बचाने के प्रयास में हरिश्चंद्र भी झुलस गया था। जबकि पत्नी गंभीर रूप से झुलसी थी। परिजनों ने दंपति को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां पर मंगलवार को गंगावती की हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने लखनऊ रेफर कर दिया।
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आर्थिक स्थिति सही नहीं होने के कारण हरिश्चंद्र पत्नी को लखनऊ ट्रामा सेंटर ले जाने के लिए सीएमएस से एंबुलेंस उपलब्ध कराने की गुहार लगाने गया था। उसका कहना है कि  कार्यालय में सीएमएस नहीं थे। वहां पर कुछ कुछ डॉक्टर स्टाफ के लोग बैठे थे। जिन्होंने उसकी बात सुने बिना ही दफ्तर से भगा दिया। इसके चलते उसे लोगों से रुपये उधार लेकर प्राइवेट एंबुलेंस से पत्नी को लखनऊ ले जाना पड़ा।
 
रेफर की गई महिला को लखनऊ तक ले जाने के लिए एंबुलेंस के संबंध में कोई व्यक्ति दफ्तार में मेरी मौजूदगी के दौरान नहीं आया। ओपीडी के दौरान कक्ष में रोगियों की जांच कर रहा था। किसी को दफ्तर से भगाए जाने का मामला संज्ञान में नहीं है। इस संबंध में कोई शिकायत भी नहीं मिली है।
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डॉ. एसपी गौतम, प्रभारी सीएमएस जिला अस्पताल

 
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