हरदोई। हरियावां सीएचसी में एक्सपायरी दवाओं के मामले में आरोपी अधीक्षक की तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सीएमओ को तलब कर लिया। मंगलवार को उन्होंने अदालत पहुंचकर अपना पक्ष रखा। हरियावां सीएचसी में मई में एक्सपायरी दवाओं का जखीरा मिलने पर सीएमओ ने जांच कराई थी। इसके साथ ही सीएमओ ने अधीक्षक को जिला मुख्यालय से अटैच कर दिया था। इस पर अधीक्षक ने अटैचमेंट को नियम विरुद्ध बताकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सीएमओ को तलब किया था। सीएमओ डा. एके श्रीवास्तव ने मंगलवार को अदालत में अपना पक्ष रखा।
हाईकोर्ट ने सीएमओ को हरियावां सीएचसी में तैनात रहे अधीक्षक डा. पीएन पोरवार की याचिका को संज्ञान में लेते हुए तलब किया था। जांच में दो साल पुरानाी दवाएं मिली थीं। दवाएं जिला अस्पताल से ही रोगियों को बांटने के लिए भेजी गई थी। सीएमओ ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की थी। कमेटी रिपोर्ट में अधीक्षक डा. पीएन पोरवार दोषी ठहराए गए थे। सीएमओ ने रिपोर्ट एडी को भेज दी थी। जबकि एडी ने संस्तुति करते हुए रिपोर्ट निदेशक को भेज दी थी। इस दौरान सीएमओ ने डा. पोरवार को जिला मुख्यालय से अटैच कर दिया था। मामले में डा. पोरवान ने अटैचमेंट को नियम के खिलाफ बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने याचिका को संज्ञान में लेते हुए 15 नवंबर को सीएमओ को अपना पक्ष रखने के लिए तलब किया था।
हरियावां सीएचसी की पुरानी बिल्डिंग में मई में एक्सपायरी दवाओं का जखीरा मिला था। इसी मामले में लखनऊ हाईकोर्ट ने अपना पक्ष रखने के लिए तलब किया था। मंगलवार को अदालत में अपना पक्ष रखा है।
डा. एके श्रीवास्तव, सीएमओ हरदोई