एसबीआई सिनेमा रोड ब्रांच में लगी लाइन व बंद एटीएम ।
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हरदोई । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 500 एवं 1000 के पुराने नोटों के बंद करने के एलान के बाद से अफरातफरी कम नहीं हो रही है। सोमवार को छुट्टी के बाद बैंक खुलने से पहले ही सैकड़ों लोगों की लाइन लग गई। घंटों लाइन में लगने के बाद बैंक नो कैश का बोर्ड लगा देते हैं। इससे नोट बदलवाने और जमा करने वालों को निराश होकर लौटना पड़ता है। एटीएम में भी पैसा न होने से बंद पड़े हैं।
काउंटर चालू करने से लेकर बंद करने व कैश एक्सचेंज लाइन व एकाउंट डिपाजिट व विड्राल लाइन को अलग करने की बजाय ज्यादातर स्थानों पर लोगों को एक ही लाइन में ठूंसने और धक्कामुक्की के हालात में पहुंचा जा रहा है । एलडीएम पूरे मामले को लेकर बात करने से कतरा रहे हैं तो जिला प्रशासन भी करेंसी जारी करने एवं बैंक व डाकघरों को आवंटन कराने के मामले में शिकंजा नहीं कस पा रहा है। लिहाजा आम लोगों की परेशानियां उनके चेहरों पर चिंता के भाव से लेकर आंखों के आंसू बयां कर रहे हैं। नौ से 13 नवंबर तक बैंकों व डाकघरों में कैश डिपाजिट व कैश विड्राल के साथ सीमा चार हजार रुपए तक के कैश चेंज आईडी प्रूफ की सुविधा दी गई मगर आलम यह रहा है कि 50 फीसदी से अधिक बैंक शखाओं में एवं डाकघरों में कैश ही पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध न हो सका ।
14 नवंबर को अवकाश के बाद 15 नवंबर बैंक और डाकघर खुलने से पहले ही लोगों की लंबी कतार लग गई थी। ग्रामीण क्षेत्रों के डाकघर, इंडियन बैंक, पीएनबी, एजीबी, बीओआई आदि सहित ज्यादातर बैंक शाखाओं में लोग काउंटर तक न पहुंच सके थे । प्रात: 10 से रात 8 बजे तक की वर्किं ग की बात करने वालों के पास इस बात का भी जवाब नहीं है कि आखिर गेट पर अलग-अलग लाइनें क्यों नहीं लगवाई जा रही हैं। गेट पर एक ही लाइन लगवाई जा रही है जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। उधर, सूत्रों का कहना है कि नान कोर बैकिंग सेवा ( सीबीएस ) मैनुअल व्यवस्था वाली बैंकों में खूब खेल हुआ। कमीशन एजेंटों की मदद से चहेतों के नोट बदल दिए गए । वैसे तो जिले में करीब 260 बैंक शाखाएं हैं मगर एलडीएम कार्यालय में इस बात का भी डाटा नहीं है कितनी बैंके नान सीबीएस है। पूरे मामले को लेकर एलडीएम नवीन कुमार कुछ कहने एवं बात करने से कतरा रहे है । उधर, हेड पेास्टमाटर एनसी अग्रवाल भी बात कहने से कतरा रहे हैं। उनके आफिशियल पेशकार अखिलेश का कहना था कि इस बारे में हेड पोस्टर ही कुछ कह सकते हैं।