देर शाम हुई समीक्षा में जिले की खराब प्रगति सामने आने के बाद डीएम ने सीएमओ समेत आठ जिला स्तरीय अधिकारियों का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया है। एक सप्ताह पूर्व मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले व अन्य विकास कार्यों की समीक्षा में जिले का स्थान 70वां रहा है।
डीएम विवेक वार्ष्णेय ने मुख्यमंत्री की प्राथमिकता के कार्यक्रमों में लापरवाही बरतने पर सीएमओ, उप निदेशक मंडी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड प्रथम व द्वितीय के एक्सईएन, जिला कार्यक्रम अधिकारी, पीडी डीआरडीए का अग्रिम आदेशों तक वेतन रोका है। डीएम ने बताया कि समीक्षा के दौरान सबसे खराब प्रगति जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय की रही है। यहां प्रगति का औसत 5.73 फीसदी रहा है।
डा. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम का संतृप्तीकरण के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण में लापरवाही बरती गई है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय में चल रही कुक्कुट विकास नीति 2013 के तहत कामर्शियल लेयर फार्मिंग 10 हजार क्षमता के लक्षित इकाईयों के सापेक्ष माह तक क्रियाशील इकाईयों की प्रगति का प्रतिशत 10.42 फीसदी रहा है।
पोलियो ग्रस्त बच्चों को चिह्नित कराकर सर्जरी कराने, स्वास्थ्य क्षेत्र के समस्त निर्माण कार्यों में सीएमओ की ओर से लापरवाही बरती गई है। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड प्रथम व द्वितीय के एक्सईएन ने जिला मुख्यालयों को फोरलेन सडकों से जोड़ने, अधूरे सतुओं को पूरा करने में लापरवाही बरती है। डीआईडीए के परियोजना निदेशक ने डा. राममनोहर लोहिया समग्र ग्राम के संतृप्तीकरण का कार्य पूरा नहीं करा पाया है।