जिले में संचालित कामधेेनु डेयरी योजना की समस्या अब
सीएम पटल पर भी पहुंचेगी। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद विभागीय
स्तर से गंभीरता से लिया गया और जिले में गुरुवार को आए अपर निदेशक भी
कामधेनु योजना की हकीकत से रूबरू हुए।
सीवीओ ने भी उन्हें समस्याओं से
अवगत कराया। जिसका निस्तारण कराने की बात उन्होंने कही। समीक्षा बैठक में
सीवीओ को टीकाकरण कार्य प्राथमिकता से कराने के निर्देश दिए। ज्ञात हो कि
कामधेनु डेयरी का संचालन कर तो दिया गया, पर जिले के डेयरी संचालकों को दूध
बिक्री पर उचित मूल्य नहीं मिल रहा है।
अमर उजाला ने इस खबर को तीन जून के
अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की। जिसको पशु चिकित्सा विभाग ने भी गंभीरता
से लिया और बड़े अफसरों को जानकारी दी। गुरुवार को अपर निदेशक ग्रेड टू
डा. राजीव वार्ष्णेय ने विभागीय कार्यों की समीक्षा की और अपर निदेशक/मुख्य
चिकित्साधिकारी डा. राजीव मोहन दीक्षित के साथ मलिहामऊ स्थित श्याम डेयरी
पर जाकर स्थलीय सत्यापन किया।
यहां डेयरी संचालक से दूध बिक्री की
समीक्षा की। डेयरी संचालक द्वारा भी दूध का उचित मूल्य न मिलने की बात बताई
गई। जिस पर अपर निदेशक वार्ष्णेय ने इस समस्या को मुख्यमंत्री स्तर तक
पहुंचाने की बात कही। सत्यापन के बाद अपर निदेशक ने जिले के मुख्य
चिकित्साधिकारियों के साथ एक होटल में विभागीय कार्याें की समीक्षा की।
उनके जाने के बाद अपर निदेशक/मुख्य चिकित्साधिकारी डा. दीक्षित ने सभी
चिकित्साधिकारियों को पशुओं का टीकाकरण करने पर जोर दिया। कहा कि गर्मी और
इसके बाद बारिश के मौसम के दृष्टिगत पशुओं के टीकाकरण के लक्ष्य को पूरा
किया जाए। साथ ही नियमित ग्राम भ्र्रमण कर पशुओं से संबंधित समस्याओं का
निस्तारण करने के निर्देश दिए। बैठक में सभी विकास खंडों के पशु
चिकित्साधिकारी मौजूद थे।