हरदोई/पिहानी/मल्लावां। पिछले कई दिनों से मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा था। बृहस्पतिवार को सुबह थोड़ी देर धूप निकली।
इसके बाद तेज हवा के साथ बादल छा गए जो शाम करीब पांच बजे के बाद पहले धीरे-धीरे फिर एकाएक तेजी से बरसने लगे। करीब एक घंटे में एक मिमी बारिश हुई। इस दौरान जनपद के मल्लावां क्षेत्र में बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई।
जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार के अनुसार, यह बारिश आलू, सरसों और दलहन की फसलों के लिए नुकसान दायक साबित हो सकती है। वहीं गेहूं और गन्ने की फसल के लिए अमृत के समान साबित होगी।
मौसम वैधशाला के पर्यवेक्षक रमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि करीब एक मिमी बारिश हुई है। रात में भी बारिश होने के आसार हैं। पिहानी क्षेत्र में रात से ही तेज हवा और बूंदाबांदी से ठंड में इजाफा हो गया।
तेज हवाओं से बृहस्पतिवार को दोपहर मोहल्ला आंबेडकर नगर में विद्युत लाइन पर पेड़ गिर गया। रोस्टिंग का समय होने के कारण सप्लाई चालू नहीं थी, जिससे बड़ा हादसा बच गया।
रात से चलने वाली तेज हवाओं के साथ भोर होते होते बूंदाबांदी भी शुरू हो गई, जिससे ठिठुरन बढ़ गई। आंबेडकर नगर मोहल्ले में ईंट-भट्ठे के निकट हरदोई पिहानी मार्ग के किनारे विद्युत लाइन पर पेड़ गिर गया।
इससे पूरे मोहल्ले की आपूर्ति ठप हो गई। मोहल्लेवासियों का कहना है कि हरदोई रोड पर सबसे ज्यादा ट्रैफिक रहता है। हादसे के समय यदि लाइन चालू होती तो अनहोनी हो सकती थी।
जेई सोमपाल ने बताया कि कर्मचारियों को तत्काल लाइन दुरुस्त करने के लिए भेज दिया गया है। उधर, मल्लावां क्षेत्र में बारिश के साथ ओले गिरने से किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है।
बारिश के साथ करीब 15 मिनट तक ओले गिरते रहे। बृहस्पतिवार को सुबह से तेज हवाएं चल रही थी। शाम करीब पांच बजे हवा थमने पर तेज बारिश शुरू हो गई।
क्षेत्र के मढ़िया, हर्रैया, सरसैया, महल्ला, पूरनमऊ, साड़िययन पुरवा समेत अन्य गांवों में ओले गिरे, जिससे किसानों आलू, गेहूं, सरसों, चना, मटर समेत सभी फसलों को नुकसान पहुंचा है।
किसान विजय, कैलाश, चंद्रकांत ने बताया कि ओले गिरने से फसलों में करीब 30 से 40 प्रतिशत का नुकसान हुआ है।
आलू, सरसों की फसल को अधिक नुकसान
हरियावां। बृहस्पतिवार को शाम को हुई बारिश से आलू की फसल को सबसे अधिक नुकसान होने का अनुमान है। हरियावां, मदरावा, उतरा, लोहकनपुर, गदाईपुर, अकबरपुर, कूरसेली, अरुआ, सधिनावा समेत दो दर्जन से अधिक गांव में सरसों व आलू की फसल की जाती है।
आलू किसान नेकराम ने बताया कि इस तरह से अगर दो दिन बारिश हो गई तो आलू की फसल खेतों में ही सड़ जाएगी।
नीरज कटियार ने बताया कि लगभग दो एकड़ आलू की फसल की बुवाई कराई है, जब फसल की बुवाई कराई थी उस दौरान पानी गिरने के कारण दोबारा आलू की बुवाई कराई गई थी।
आज पानी के बरसात के चलते आलू की फसल को काफी नुकसान होने की आशंका है। बीज भंडार प्रभारी हरियावां प्रमोद कुमार ने बताया कि बारिश से आलू की फसल और सरसों की फसल दोनों को नुकसान है।