फोटो 29- 155 रुपये भुगतान करके लिया हुआ टिकट दिखातीं शकुंतला दीक्षित। संवाद
हरदोई। सरकार एक ओर बुजुर्ग महिलाओं को राहत देने के लिए मुफ्त यात्रा की सौगात दे रही है, तो वहीं दूसरी डिपो कर्मचारियों की गैर जिम्मेदाराना रवैया से पात्र यात्री से किराया वसूले जाने से योजना धरातल पर लड़खड़ाती दिख रही है। हरदोई में एक 70 वर्षीय महिला से बस का किराया वसूले जाने का मामला सामने आया है।
लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना के तहत 29 अगस्त रात 12 बजे से 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाओं को यूपी रोडवेज की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा लागू हो गई। वहीं उसके अगले ही दिन रविवार को सुबह उन्नाव से हरदोई पहुंचीं शकुंतला दीक्षित से महिला परिचालक ने 155 रुपये किराया वसूल लिया।
शकुंतला ने बताया कि वह सुबह करीब आठ बजे उन्नाव से निगम की बस में बैठकर हरदोई के लिए निकली थीं और लगभग 11 बजे हरदोई पहुंची भी गईं। इसी बीच रास्ते में बस में महिला परिचालक ने उनसे 155 रुपये लेकर टिकट काट दिया। शकुंतला ने बताया कि उन्होंने महिला परिचालक को आधार कार्ड भी दिखाया, जिसमें जन्म वर्ष 1955 दर्ज है। इसके बावजूद उनका निशुल्क टिकट नहीं बनाया गया और महिला परिचालक ने उनसे योजना के तहत मुफ्त यात्रा की जानकारी नहीं होने की बात कही।
जागरूकता के अभाव का भी असर
योजना का लाभ पात्र महिलाओं तक पहुंचाने में जागरूकता की कमी भी बड़ी वजह बन रही है। चालक-परिचालकों को योजना की जानकारी और उम्र सत्यापन की प्रक्रिया स्पष्ट रूप से समझाए जाने की जरूरत है। यदि परिचालक को योजना की जानकारी होती तो किसी पात्र महिला को अपने हक से वंचित नहीं होना पड़ता।
शासन की ओर से शुरू योजनाओं को पूरी तरह लागू किया जा रहा है। हर तरह से चालक-परिचालक को इसकी जानकारी दी गई है। सभी चालक-परिचालकों का एक वॉट्सएप ग्रुप भी बनाया है। कल रात और आज सुबह भी इसकी जानकारी ग्रुप पर शेयर की थी। फिर भी कहीं चूक हो रही है तो इसको दिखवाएंगे। -आरके मौर्या, बस स्टेशन इंचार्ज