हरदोई। दिवाली आज है। इसके लिए शुक्रवार शाम से ही बाजार सजे रहे। लोगों ने गणेश लक्ष्मी की मूर्तियां, झालरें और गिफ्ट आइटम खूब खरीदे। दिवाली की पूर्व संध्या पर शहर रोशन रहा। शास्त्रों के जानकारों का कहना है कि शनिवार को पूरे दिन सर्वार्थ सिद्ध योग है। इसमें पूजन शुभ होगा। शास्त्री उमाकांत अवस्थी ने बताया कि दिवाली पर इस बार बहुत ही उत्तम योग बन रहा है। स्थिर लग्न में लक्ष्मी कुबेर का पूजन होगा। दिवाली पर शनि स्वाति योग से सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है। ये योग सुबह से लेकर रात आठ बजकर 48 मिनट तक रहेगा।
उन्होंने बताया कि विधि विधान से मां लक्ष्मी का पूजन किया जाए तो ज्यादा लाभ होता है। पूजन में स्वास्तिक चिह्न का भी महत्व है। केसर, हल्दी या सिंदूर से इसको पूजन पाठ की जगह पर तैयार किया जाता है। दीपों के पर्व पर कौड़ी की भी अहम भूमिका है। शास्त्री सनत मिश्रा ने बताया कि कहा जाता है कि पूजन की थाली में कौड़ी को रखने की पंरपरा है। कौड़ी को लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखने से धन का लाभ होता है। रोली या बंदन से किया गया तिलक ज्ञान व बुद्धि को प्रखर करता है।
शंख पूजन से पूरी होती मनोकामना
शास्त्री सनत मिश्रा ने बताया कि दिवाली पर शंख का पूजन करने के बाद यदि मंत्रों का विधिवत जाप किया जाए तो मनोकामना पूर्ण हो सकती है। ऊं श्री क्लीं ब्लूं सुदक्षिणावर्त शंखाय नम: का पाठ करके लाल कपड़े पर चांदी या सोने के आधार पर शंख को रख दें। आधार रखने से पूर्व चावल और गुलाब के फूल रख दें। मान्यता है कि दोपहर 10 से लेकर 12 बजे तक मंत्रों का सवा माह तक लगातार जाप करने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। दोपहर 12 से तीन बजे तक करने से कीर्ति व यश में वृद्धि होती है।