हरदोई। नोटबंदी के खिलाफ कांग्रेस के भारत बंद का जिले में मिलाजुला असर रहा। शहर में मुख्य बाजार में दुकानें पूरी तरह बंद रहीं लेकिन अन्य दुकानें खुली रहीं। कसबों में बंद का कोई असर नहीं रहा। बाजार रोज की तरह खुले रहे। शहर में बंद को सफल बनाने के लिए व्यापार मंडलों ने जुलूस भी निकाला। जबकि बंद विरोधियों का हौसला बढ़ाने के लिए भाजपाई भी मैदान में डटे रहे। कांग्रेसियों ने जुलूस निकालकर नोटबंदी के खिलाफ जनआक्रोश दिवस मनाया।
केंद्र सरकार के नोटबंदी के बाद उद्योग धंधों को चौपट बता, आम जनमानस की परेशानियों व शादी बारातों वाले घरों में समस्याओं का दौर देख गैर भाजपाई दलों ने एकजुट होकर सोमवार को भारत बंद का एलान किया था। जिसके चलते शहर के बाजारों को बंद कराने के लिए समस्त व्यापारिक संगठन सोमवार को सड़कों पर दिखाई दिए।
व्यापार संगठन के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अचल अग्रवाल के नेतृत्व में जिलाध्यक्ष पवन जैन सहित कई पदाधिकारियों ने भी बंदी का पूर्ण समर्थन करते हुए शहर के रेलवेगंज से लेकर सिनेमा चौराहा, बड़ा चौराहा व सदर बाजार में जुलूस की शक्ल में निकले और बाजार बंद कराया तो अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह गौर, उतर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष विमलेश दीक्षित, सराफा कमेटी के जिलाध्यक्ष अमिल महेंद्रा ने भी शहर के प्रमुख मार्गों पर घूमकर बंद का समर्थन किया व खुली दुकानों को बंद कराया।
इस बीच भाजपा के युवा कार्यकर्ताओं ने उन व्यापारियों के समर्थन में शहर के प्रमुख मार्गों पर जुलूस निकाला जो बंदी का विरोध कर रहे थे। इस जुलूस का नेतृत्व भाजपा युवा नेता कुलभूषण सिंह ने किया। हालांकि दोपहर बाद शहर की बाजारें भी खुल गईं। इधर कांग्रेस ने राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर जन आक्रोश दिवस मनाया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व उपाध्यक्ष हरीश बाजपेई के नेतृत्व में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने राजीव भवन से लेकर तिकुनिया पार्क तक मार्च निकाला।
पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि मोदी सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए देश की जनता का ध्यान भटका रही है। इस मौके पर जिलाध्यक्ष मिथलेश सिंह चौहान, शहर अध्यक्ष शशि भूषण शुक्ल, राजीव कुमार सिंह, सुख सागर मिश्र, सत्यबोध प्रकाश, आशीष कुमार सिंह, सुधा तिवारी, सरोज चंदेल, भ्ुाट्टो मियां, मुकेश कुमार आदि मौजूद रहे।
हम तो प्रधानमंत्री के साथ, दुकानें बंद करे हैं भ्रष्टाचारी
बिलग्राम(ब्यूरो)। कस्बे में रोजना की तरह दुकानें खुली रह्रीं। अन्य दुकानदारों का कहना है कि भारत बंद से उन्हें कोई मतलब नही हैं। दुकानदारों ने कहा कि जरूरतमंदों को सामान कहां से मिलेगा जो ग्राहक उन्हीं की दुकान से सामान लेते है उन्हें परेशानी होगी। इसलिए वह दुकाने बंद नहीं करेंगे। छिबरामऊ संवाददाता के अनुसार परचून दुकनदार सुनील शुक्ला ने बंदी को लेकर कहा की हम अपना धंधा क्यों बंद करें जिनके पास काला धन है बो बंदी का समर्थन करे हम अपनी दुकान नही बंद करेंगे। जागेश्वर राजपूत ने कहा की जो लोग भारत बंद का समर्थन कर रहे हैं। सबसे ज्यादा काला धन उन्हीं लोगों के पास है। हम क्यों अपनी दुकान बंद करें।
उधर, संडीला कस्बे के मेवालाल साइकिल व्यापारी सदन जायसवाल का कहना है हम क्यों दुकान बंद करें। हमको नोटबंदी से को परेशानी नहीं है। व्यापारी डब्बल का कहना है कि हमको नोटबंदी से क्या लेना देना ये देश के हित की बात है। व्यापारी मनोज गुड्डा का कहना है कि आर्थिक नोटबंदी पर हम क्यों बंद करें दुकान।
उधर, पिहानी में सप्ताह में दो बार लगने वाले इस्लामगंज बाजार पहले की तरह ही लगी। कटरा बाजार, बस स्टैंड, सल्लिया रोड और पिहानी चुंगी आदि स्थानों पर भी दुकानदारों ने प्रतिष्ठान खोले।
उधर, माधौगंज के नवल माहेशवरी का कहना है कि देश हित मे जो फैसले लिए जाते हैं उनसे कोई तकलीफ नहीं होती है। व्यापारी दिनेश त्यागी और नरेश का कहना है कि 500 और 1000 के नोट बंदी से उन्हें कोई तकलीफ नहीं है। जिसके चलते कस्बे में पूरा बाजार खुला रहा।
उधर, शाहाबाद में गला मंडी में रोजमर्रा की तरह काम होता रहा। इसके अलावा चौक में सर्राफा, किराना, बर्तन कपड़ा, होटल, मिठाई आदि की दुकानें पूरी तरह से खुली रही।
उधर, कछौना कस्बे में सामान्य दिनों की तरह दुकानें खुलीं। दुकानदारों ने बताया हम अपनी दुकानें क्यो बंद करें। जिसके पास काला धन है वह बंद करें।
उधर, भरावन कस्बे के अतरौली में प्रोपराइटर राजेश तिवारी ने कहा कि कालेधन के विरुद्ध चलाए गए अभियान में वह पीएम के साथ हैं। व्यवसायी मनोज कुमार गुप्ता ने कहा कि भारत बंद का साथ वही देंगे जो भ्रष्टाचारी होंगे। व्यवसायी अनूप तिवारी ने कहा कि नोटबंदी से देश में फैला भ्रष्टाचार समाप्त होगा। वह दो घंटे ज्यादा दुकान खोलेंगे। भरावन में चिकित्सक श्यामबिहारी तिवारी ने कहा कि वह पीएम के नोटबंदी के फैसले का समर्थन करते हुए मुफ्त में लोगों का इलाज करेंगे।
उधर, मल्लावां में नोटबंदी के चलते विपक्ष की ओर से किए गए भारत बंद का असर कस्बे से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में देखने को नहीं मिला। मोबाइल दुकानदार परवेज कहते हैं कि नोटबंदी से कुछ तो समस्या हुई है लेकिन दुकान बंद करना ठीक नहीं है । छोटे चौराहे निवासी परचून दुकान के मालिक अशोक राठौर कहते हैं कि पहले ही नोटबंदी से दुकानदारी पर असर पड़ा है लेकिन बाजार बंद करना समस्या का हल नहीं है।
उधर, हरपालपुर कस्बे में रोज की तरह खुली सभी दुकानें खुली रहीं। मोबाइल दुकानदार मोहित त्रिवेदी ने कहा कि वह नोट बंदी का समर्थन व भारत बंद का विरोध करते हैं। सराफा कारोबारी संजय शुक्ला ने बताया कि भ्रष्ट लोग ही नोटबंदी का विरोध कर रहे हैं ।
उधर, बावन कस्बे में ग्राहकों ने जमकर कपडा, सोना, किराना, दवाएं और सब्जियां खरीदीं। दुकानदार भी भारत बंद के खिलाफ रहें। कोई नेता बाजार में नजर नहीं आया।