हरदोई। शहर के नुमाइशपुरवा स्थित एक गेस्ट हाउस में रविवार को भारतीय कृषक दल का अधिवेशन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ नैमिष के जगदाचार्य स्वामी देवेंद्रानंद ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसेक बाद भारतीय कृषक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरोज दीक्षित ने कहा कि झूठे वादे झूठे सपने दिखाकर प्रदेश व केंद्र सरकारें विधानसभा चुनाव की खातिर भोली भाली जनता को अपने जाल में फंसाने का काम कर रही हैं। इनकी जनविरोधी नीतियों व भ्रष्टाचार के खिलाफ भारतीय कृषक दल विधानसभा चुनाव में अपने प्रत्याशी उतार चुनाव लड़ेगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में आमजनों की दुर्दशा के लिए प्रदेश व केंद्र सरकार बराबर की हिस्सेदार हैं। प्रदेश की जनता अब सपा, भाजपा, कांग्रेस व बसपा को माफ नहीं करेंगी। सरकारें सिर्फ शासनादेशों को जारी कर रहीं हैं। लेकिन वास्तविकता में उन्हें गर्त में धकेल रहीं हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि किसानों गरीबों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना तो दूर उन्हें उनकी मेहनत व उपज का ही उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने कहा कि अधिवेशन के माध्यम से सरकारों की किसान विरोधी जनविरोधी नीतियों के विरुद्ध संघर्ष के संकल्प के साथ भाकृद प्रदेश में विधानसभा चुनाव में अधिकांश सीटों पर प्रत्याशी उतारेगी। राष्ट्रीय महासचिव प्रमोद यादव ने कहा कि कृषक दल सत्ता का नहीं बल्कि सत्ता की मानसिकता परिवर्तन का पक्षधर है।
उनका सपना है कि वर्ष 2017 चुनाव में प्रदेश की जनता उन्हें चुनकर भेजे जो विधानसभा में बैठकर जनता को लूटने के बजाय उनके दर्द को समझे और उसे दूर करने की जनहित नीति लागू करे। मैग्सेसे पुरस्कार विजेता संदीप पांडे ने कहा कि माननीय चुपचाप अपना वेतन बढ़वा रहे हैं जबकि किसान को उसके धान, आलू, गन्ने, गेहूं, तिलहन का घोषित मूल्य दिलाने के लिए शांत हैं।
प्रदेश अध्यक्ष विनय प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि किसानों की तरक्की के बिना देश उन्नति नहीं कर सकता। अधिवेशन को सहकारिता प्रकोष्ठ अध्यक्ष श्यामाकांत दीक्षित, नीलम श्रीवास्तव, गिरीश बाजपेई, पीडी गुप्ता, सर्वेश पांडे, गजेंद्र सिंह, सरदार दर्शन सिंह, सतेंद्र चौधरी, वैद्य बाल शास्त्री, ने भी संबोधित किया। इस मौके पर मालती बहन, गगन तिवारी, कृष्ण कुमार, कृष्ण मुरारी, शांति स्वरूप मिश्रा, अंकित गुप्ता आदि मौजूद रहे।