राज्य पोषण मिशन योजना के तहत कुपोषित बच्चों को बाल
विकास विभाग की सुविधाएं बेहतर ढंग से मुहैया कराने को अब मंडलीय अफसरों को
भी गांव गोद देने पर विचार किया गया। महानिदेशक पोषण मिशन ने आदेश जारी
करते हुए मंडलीय अफसरों को भी दो-दो गांव गोद लेने के निर्देश दिए गए।
जिसके क्रम में जिले में भी 10 मंडलीय अफसरों को 20 गांव गोद दिए जाएंगे।
जिसकी सूची तैयार कर शासन को भेज दी गई है। बच्चों में कुपोषण को समाप्त
करने को चलाई जा रही तमाम योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने को प्रदेश
सरकार ने भी राज्य पोषण मिशन की शुरुआत की है।
पोषण मिशन के अंतर्गत बाल
विकास विभाग की सेवाओं को प्राथमिकता से लागू करने के साथ ही बच्चों में
कुपोषण को कम करने को अफसरों को गांवों की जिम्मेदारी देते हुए प्रभावी
कार्रवाई के निर्देश दिए गए। महानिदेशक कामरान रिजवी के निर्देश पर जिले
में डीएम, सीडीओ और जिला स्तरीय अफसरों ने दो-दो गांवों में कुल 91 गांवों
को गोद लिया है।
अफसरों द्वारा इन गांवों में मासिक भ्रमण कर बच्चों को
मिलने वाली सेवाओं की समीक्षा करना है, ताकि कुपोषण को दूर किया जा सके।
गांवों को गोद लेने के क्रम में अब महानिदेशक ने मंडल स्तर के अफसरों को
गांवों को गोद देने का आदेश दिया है। इसको लेकर 10 मंडलीय अफसरों को 20
गांव गोद लेने हैं। जिसका चयन हो चुका है।
सात विकास खंडों से चयनित गांव
में कुल 1654 कुपोषित बच्चे हैं। इनमें विकास खंड बेहंदर का सिंधवल, गोगा
बाजोत, जासू, व बेहंदर कला, ब्लाक भरावन का छतिया रामपुर, गोंडवा, बकवा व
सोनिकपुर, हरपालपुर का खसौरा व अर्जुनपुर, टड़ियावां का साखिन, पाला,
महमदपुर तथा अलिशाबाद, शाहाबाद का कालागाढ़ा व नवीपुर, टोडरपुर का
टुमुर्की व चठिया धनवार तथा भरखनी का मुंडेर व सवायजपुर है। डीपीओ प्रकाश
कुमार ने चिह्नित गांवों की सूची शासन को भेज दी है।