हरदोई। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की ओपीडी में चेस्ट रोग विभाग में हर रोज मरीजों को परामर्श मिलेगा। विशेषज्ञ चिकित्सक तो तीन दिन मिलेंगे, लेकिन जूनियर चिकित्सक मरीजों के इलाज के लिए छह दिन मौजूद रहेंगे। तीन दिन विशेषज्ञ न होने से जूनियर भी टहल जाते थे।
अमर उजाला में खबर प्रकाशन के बाद मेडिकल कॉलेज प्राचार्य ने सभी छह दिन ओपीडी संचालित कर मरीजों को परामर्श देने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के दावे भले ही किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनकी हकीकत कुछ और ही है। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला चिकित्सालय की ओपीडी में क्षय रोग और चेस्ट रोग के उपचार के लिए सभी छह दिन ओपीडी संचालित नहीं हो रही थी। विभागाध्यक्ष विशेषज्ञ डॉ. शिवम गुप्ता को मेडिकल के छात्रों को पढ़ाना भी होता है। ऐसे में वह सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को ही मरीजों की ओपीडी करते हैं। तीन दिन वह नहीं आते।
उनकी अनुपस्थिति में उनके जूनियर भी ओपीडी न कर विभाग में ताला डालकर चले जाते थे। ऐसे में मंगलवार, बृहस्पतिवार और शनिवार को आने वाले मरीजों को मायूसी हाथ लगती थी।
अमर उजाला ने 13 जून के अंक में खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। मरीजों को हो रही दिक्कतों से अवगत कराया। इसको लेकर मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. जेविन बिष्णु गोगोई ने सोमवार से शनिवार तक सभी छह दिन ओपीडी कर मरीजों को परामर्श देने के निर्देश दिए। उनके निर्देशों के बाद सभी छह दिन ओपीडी संचालित होने लगी। हालांकि, विशेषज्ञ तीन दिन ही ओपीडी में बैठ रहे हैं।