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Hardoi News: सेंट्रल लैब का आरओ प्लांट बंद, बायोकेमेस्ट्री की जांचें ठप

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फोटो-11- मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी वार्ड के बाहर सड़क का कुछ इस तरह का है हाल। संवाद - फोटो : सांकेतिक
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हरदोई। मेडिकल कॉलेज की सेंट्रल लैब में इन दिनों मरीजों की कई प्रकार की महत्वपूर्ण जांचें नहीं हो पा रही हैं। मरीजों को पंजीकरण काउंटर से दो से तीन दिन का समय देकर लौटाया जा रहा है। इससे मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा है या फिर उन्हें निजी लैब से जांच कराने को मजबूर होना पड़ रहा है। लैब का आरओ प्लांट बंद होने से बायोकेमिस्ट्री मशीन को डिस्टिल्ड वाटर नहीं मिल रहा है।
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मौसम बदलने से बीमारियों का प्रकोप बढ़ा है वहीं असंतुलित खान-पान की वजह से भी लोग कई प्रकार की बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में इन दिनों बड़ी संख्या में मरीज परामर्श लेने पहुंच रहे हैं। इनमें तमाम मरीजों को जांचें भी लिखी जाती हैं। जांचें मेडिकल कॉलेज की सेंट्रल लैब में हो जाती हैं लेकिन इन दिनों बायोकेमिस्ट्री मशीन से होने वाली प्रमुख जांचें ठप पड़ी हैं।
डॉक्टर मरीजों को शुगर, लिवर, किडनी समेत कई जरूरी जांचें लिखते हैं ताकि जांच के आधार पर मरीजों को बेहतर उपचार दिया जा सके। ऐसे में बायोकेमिस्ट्री जांचें न होने से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। बता दें कि बायोकेमिस्ट्री मशीन में जांच के लिए डिस्टिल्ड वाटर का इस्तेमाल होता है। इसके लिए लैब में आरओ प्लांट लगा है। पानी की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से प्लांट बंद है और डिस्टिल्ड वाटर की उपलब्धता नहीं हो पा रही है। जांच कराने पहुंचे मरीजों को फिलहाल मशीन खराब होने की बात कहकर लौटाया जा रहा है।
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केस-1
-आशा गांव निवासी सोनू ने बताया कि डॉक्टर ने सीबीसी, एलएफटी, केएफटी की जांच लिखी थी। पैथोलॉजी आने पर बताया गया कि मशीन खराब है दो दिन बाद आना।

केस-2
-जनियामऊ निवासी रुद्र प्रताप ने बताया कि उन्हें डॉक्टरों ने लिपिड प्रोफाइल की जांच कराने के लिए कहा है। जांच कराने पहुंचे तो यहां मना ही कर दिया गया। अब निजी लैब से जांच कराना पड़ेगा।



बायोकेमिस्ट्री मशीन से यह होती हैं जांचें

सेंट्रल लैब में लगी बायोकेमिस्ट्री मशीन से एलएफटी, केएफटी, लिपिड प्रोफाइल, ग्लूकोज, सीआरपी, आरए फैक्टर, यूरिक एसिड, एमाइलेस और लाइपेज संबंधित जांचें होती हैं। मशीन को डिस्टिल्ड वाटर न मिलने से इन दिनों यह जांचें बंद हैं।



अंडरग्राउंड लाइन डालने के दौरान पानी की पाइप लाइन फट गई थी। लाइन सुधरवाई जा रही है जल्द ही सेंट्रल लैब में आपूर्ति शुरू करा दी जाएगी। डिस्टिल्ड वाटर की व्यवस्था कराकर बायोकेमिस्ट्री जांच जल्द शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है। -डॉ. जेबी गोगोई, प्रधानाचार्य

फोटो-11- मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी वार्ड के बाहर सड़क का कुछ इस तरह का है हाल। संवाद- फोटो : सांकेतिक

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