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Hardoi News: जिले में डेढ़ माह से बंद सीबी नॉट की जांच, क्षय रोगियों की पहचान का काम अटका

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हरदोई। एक तरफ क्षय रोग को जड़ से समाप्त करने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। वहीं, जनपद में स्थिति यह है कि क्षय रोगियों की जांच तक नहीं हो पा रही है। टीबी जांच की रीढ़ माने जाने वाली कार्टेज आधारित न्यूक्लिक एसिड एम्प्लीफिकेशन टेस्ट (सीबी नॉट) बीते डेढ़ माह से ठप है। ऐसे में जांच कराने के लिए मरीजों को भटकना पड़ रहा है। वहीं, अधिकारी भी कॉर्टेज मंगाने के लिए कोई प्रयास करते नहीं दिख रहे।
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क्षय रोग की पहचान करने में सीबी नॉट जांच को सबसे सटीक माना गया है। मेडिकल कॉलेज के अलावा शाहाबाद और संडीला सीएचसी पर सीबी नाॅट जांच की मशीनें हैं। सरकार एक तरफ क्षय रोगियों की जांच कराने के लिए लगातार जोर दे रही है। वहीं, जिले में जांच ही नहीं हो रही है। जांच करने के लिए वैकल्पिक जांच मशीनों का सहारा लिया जा रहा है। रोजाना 60 से 70 मरीजों की जांच होती थी।
चूंकि, अब सीबी नॉट की कार्टेज खत्म हो गई है तो मरीजों को माइक्रोस्कोपी, ट्रू नॉट और एक्सरे जांच कराने का परामर्श दे दिया जाता है। इस कारण मरीज इधर-उधर परेशान होकर घूम रहे हैं। दूर दराज से आने वाले रोगियों को भी बिना जांच के लौटा दिया जा रहा है। जांच न होने की वजह से रोगियों का उपचार नहीं हो पा रहा है और उनमें दूसरी बीमारियों के संक्रमण का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है।
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निदेशालय के भरोसे बैठे जिले के जिम्मेदार
हरदोई। टीबी रोग की जांच के लिए हर रोज 60 से 70 मरीज आ रहे हैं। ऐसे में हर सप्ताह करीब पांच से छह सौ कार्टेज की जरुरत पड़ती है। बताया जा रहा है कि कार्टेज की आपूर्ति निदेशालय से ही की जाती है लेकिन अब निदेशालय से कार्टेज भेजी ही नहीं जा रही है। क्षय रोगियाें की जांच पर भी जिम्मेदारों ने बजट का रोड़ा बता दिया है। इस वजह से मरीज परेशान घूम रहे हैं। वहीं, अधिकारी को कोई प्रयास करने के बजाए मरीजों को वैकल्पिक तरीके से जांच कराने के लिए बोल रहे हैं।



ट्रू नॉट जांच के लिए भी लगानी पड़ रही दौड़
हरदोई। जिले के तीनों क्षय केंद्रों पर कार्टेज समाप्त हो चुकी है और सीबी नॉट जांच नहीं हो रही है। वहीं, मेडिकल कॉलेज स्थित क्षय केंद्र पर ट्रू नॉट जांच भी नहीं होती है। मरीज बावन, सुरसा, बिलग्राम समेत ब्लॉकों की सीएचसी पर जांच कराने के लिए भेजे जा रहे हैं। ऐसे में क्षय रोगियों को जांच कराने के लिए जिले भर में दौड़ लगानी पड़ रही है। कई बार तो ब्लॉकों पर पहुंचने पर मरीजों को चिकित्सक भी नहीं मिलते हैं और मरीजों को वहां से भी बैरंग होना पड़ रहा है।





सीबी नॉट जांच के लिए कार्टेज की सप्लाई निदेशालय से बंद है। डिमांड भेजी भी गई है। सप्लाई मिलने पर कार्टेज आ सकेगी। क्षय रोगियों को अब एक्सरे जांच कराने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। एक्सरे जांच में रोग का आसानी से पता लगाया जा सकता है। -डॉ. भवनाथ पांडेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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