हरदोई। टीबी जांच की रीढ़ माने जाने वाली कॉर्टेज आधारित न्यूक्लिक एसिड एम्प्लीफिकेशन टेस्ट (सीबी नॉट) जनपद में बीते 20 दिनों से नहीं हो रही है। मशीन की कॉर्टेज न मिलने से जांच पूरी तरह से रुक गई है। ऐसे में जांच कराने आए मरीजों को लौटाया जा रहा है। वहीं, मरीजों में इससे अन्य संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
टीबी मुक्त अभियान पर भले ही हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हों लेकिन धरातल पर हकीकत कुछ और ही है। स्थिति यह है कि टीबी की पुष्टि के लिए मरीजों को सीबी नॉट जांच के लिए लिखा जाता है। मेडिकल कॉलेज में टीबी रोगियों की सीबी नॉट की जाती है। रोजाना 50 से 60 मरीजों की जांच होती है। जांच के लिए मशीन के लिए कॉर्टेज की आवश्यकता पड़ती है। उस पर नमूना और रिजेंट रखकर मशीन में रखा जाता है। बता दें कि करीब 20 दिन हो गए हैं और मशीन की कॉर्टेज खत्म हो चुकी है। ऐसे में जिले भर से दूर दराज इलाके से आने वाले रोगियों को बिना जांच के ही लौटा दिया जा रहा है। जांच न होने की वजह से रोगियों का उपचार भी नहीं हो रहा है और उनमें दूसरी बीमारियों के संक्रमण का खतरा भी बढ़ रहा है।
हर सप्ताह पांच से छह सौ कॉर्टेज की जरूरत
टीबी रोग की जांच के लिए हर रोज 50 से 60 मरीज आ रहे हैं। ऐसे में हर सप्ताह करीब पांच से छह सौ कॉर्टेज की जरूरत पड़ती है। बताया जा रहा है कि कॉर्टेज की आपूर्ति निदेशालय से ही की जाती है लेकिन अब निदेशालय से कॉर्टेज भेजी नहीं जा रही है। हालांकि, ट्रूनेट जांच कराई जा रही है।
शाहाबाद और संडीला में नहीं हो रही जांच
सीबी नॉट जांच हरदोई के अतिरिक्त शाहाबाद और संडीला में भी बाधित है। वहां के क्षय केंद्रों पर भी कॉर्टेज समाप्त होने से जांच नहीं हो पा रही है। हालांकि, अन्य ब्लॉकों पर ट्रूनेट जांच हो जाती है। ऐसे में मरीजों को दूसरे ब्लॉकों पर जाकर जांच करानी पड़ रही है।
-पिहानी के टंंडौना निवासी सुखराम अपनी जांच कराने के लिए मेडिकल कॉलेज स्थित टीबी पैथोलॉजी आए थे। उन्होंने बताया कि पिहानी में उनकी जांच नहीं हो पाई और मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। यहां भी जांच न होने की बात कहकर लौटा दिया गया।
-बहरा सौदागर निवासी अंशू श्रीवास्तव ने बताया कि चिकित्सक ने टीबी की संभावना व्यक्त करते हुए सीबी नॉट जांच कराने के लिए कहा। जब जांच कराने आए तो बताया कि जांच हो नहीं रही है। ऐसे में अब बिना जांच के उपचार भी आगे नहीं हो पा रहा है।
सीबी नॉट जांच के लिए कॉर्टेज की सप्लाई निदेशालय से बंद है। एक माह से सप्लाई नहीं हुई है। डिमांड भेजी जा चुकी है। शासन से सप्लाई मिलने पर बरेली डिपो से कॉर्टेज आ जाएंगी। तब तक ट्रूनेट जांच कराई जा रही है। -डॉ. नोमान उल्ला, जिला क्षय रोग अधिकारी
फोटो-04- मेडिकल कॉलेज स्थित टीबी डायग्नोस्टिक सेंटर में पसरा सन्नाटा। संवाद
फोटो-04- मेडिकल कॉलेज स्थित टीबी डायग्नोस्टिक सेंटर में पसरा सन्नाटा। संवाद