पिहानी इलाके के सलेमपुर गांव के पास जाजूपारा नहर माइनर कटने से सैंकड़ों बीघे फसल जलमग्न है। जानकारी देने के बाद भी नहर विभाग का कोई भी कारिंदा रोकथाम को नहीं पहुंचा है। विभागीय रवैये से किसानों में रोष व्याप्त है।
पिछले तीन दिन से शारदा नहर का पानी सलेमपुर क्षेत्र के ब्रह्मदेव तालाब के पास से चल रहा है। गांव के लोगों ने कटे माइनर को बांधने की कोशिश की लेकिन कामयाब नहीं हो सके। तीन दिन से नहर के पानी का तेज बहाव सलेमपुर व आसपसास के गांव से सटे खेतों की ओर है। इससे हाजीपुर, डर्रा बुखारपुर, कचनार, पहाड़पुर आदि गांवों से सटे खेतों पर सैंकड़ों बीघे गेहूं, मसूर, जौं व गन्ने की फसल जलमग्न है।
किसान भारत प्रसाद, हनीफ खां, उमाकांत, अरूण कुमार आदि ने ने बताया कि उनकी फसल चौपट हो गई है। नहर का कटान दस से बारह फीट की चौड़ाई तक है। अब तक कोई विभागीय कारिंदा इस ओर न पहुंचने से किसानों की बर्बादी जारी है।
उधर, कासिमपुर क्षेत्र के सरेरी चौराहे से करीब 5 सौ मीटर की दूरी पर रविवार की रात में अचानक नहर कट गई, जिससे गांव के कई किसानों के खेतों की गेहूं, मटर, सरसों की फसलें पानी में डूब गई। इसकी जानकारी देने के बाद भी कोई विभागीय कर्मी मौके पर नही पहुंचा नतीजतन बंधा लगाने के लिए ग्रामीण निजी स्तर पर प्रयास कर रहे है मगर कोई सफलता नहीं मिली है।