हरदोई। कांग्रेस जिलाध्यक्ष व अनुसूचित विभाग चेयरमैन के बीच हुई तकरार का संज्ञान लेकर जल्द ही प्रदेश अनुशासन समिति कड़ा फैसला दे सकती है। दूसरी तरफ कांग्रेस अनुसूचित विभाग प्रदेश प्रभारी ने भी फोन पर घटना का संज्ञान लेकर इसकी जांच कराए जाने की बात कही है। बहरहाल जिले की तकरार की गूंज दूसरे दिन प्रदेश पार्टी कार्यालय तक सुनाई देती रही।
बुधवार को पीके टीम के समक्ष राजीव भवन में जिलाध्यक्ष मथिलेश्ा सिंह चौहान व अनुसूचित विभाग चेयरमैन प्रेम प्रकाश वर्मा के बीच कहासुनी हो गई थी। प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री को भी पत्र देकर उनके संज्ञान में घटना क्रम लाया गया। यहां तक कि अनुसूचित विभाग चेयरमैन ने अपना इस्तीफा तक भेज दिया लेकिन वहां से इस्तीफा नामंजूर कर घटना के बाबत जानकारी लेकर कार्रवाई किए जाने की बात कही गई थी।
गुरुवार को प्रदेश इंचार्ज कांग्रेस अनुसूचित विभाग शशांक शेखर शुक्ला ने फोन पर जानकारी ली व जल्द ही उचित कदम उठाने की बात कही। इसके अलावा प्रदेश अनुशासन समिति को भी जिले के नाराज पदाधिकारियों ने फैक्स भेजकर इस तरह की घटनाएं न हो इसको लेकर ठोस दिशा निर्देश जारी करने की मांग की है। कांग्रेस पदाधिकारियों के सूत्रों की माने तो गुरुवार की दोपहर बाद प्रदेश पार्टी कार्यालय पर पीसीसी सदस्यों की बैठक में अन्य मुद्दाें के साथ जिले के पदाधिकारियों की तकरार का मुद्दा अहम रहा। जिसके बाद जल्द ही जिले के कांग्रेस कमेटी पर प्रदेश मुख्यालय की कोई न कोई गाज गिर सकने की आशंका है।
कुछ दिन पूर्व भी हो चुका एक और विवाद
पार्टी कार्यालय में अनुसूचित विभाग के चेयरमैन प्रेम प्रकाश वर्मा को लेकर साजिश पहले से चल रही थी इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कार्यालय पर लगी उनकी होर्डिंग को उतार कर एक पदाधिकारी ने अपनी होर्डिंग टांग दी थी। जिसका विरोध हुआ लेकिन मामला जिलाध्यक्ष के पास जाने के बाद चेयरमैन को आखिरकार चुप्पी साधनी पड़ी। इसके बाद एक बार फिर बुधवार को उकसाया गया लेकिन मामला आखिरकार तकरार में बदल गया।
अलग अलग खेमों ने बनाई अपनी रणनीति
कांग्रेस अध्यक्ष मिथिलेश सिंह चौहान जहां एक ओर अपने पदाधिकारियों के साथ बैठक करते देखे गए वहीं अनुसूचित विभाग चेयरमैन प्रेम प्रकाश वर्मा प्रदेश मुख्यालय पदाधिकारियों के पास अपनी शिकायतें भेजते दिखे।