सुरसा और बिलग्राम क्षेत्र में दलित परिवार की बालिका
व किशोरी से दुष्कर्म व हत्या के मामले में भाजपा सांसद अंशुल वर्मा ने
कहा कि शासन-प्रशासन तत्काल दोनों पीड़ित परिवार को 12-12 लाख रुपये दे,
अन्यथा भाजपा पीड़ित परिवार के हित में आंदोलन को बाध्य होगी।
उन्होंने
गुस्साएं लोगों द्वारा गुरुवार की रात जाम लगाने के दौरान सीओ सिटी की
भूमिका पर सवाल उठाते हुए हटवाने की मांग की। पत्रकारों से रूबरू सांसद ने
कहा कि निर्भया कांड को अभी देश भूला नहीं था कि सुरसा क्षेत्र में हुई
घटना ने पुनरावृत्ति कर दी।
कहा कि उसी दिन बिलग्राम क्षेत्र में 5 वर्षीय
बच्ची के साथ घटित घटना एक जघन्य अपराध की श्रेणी में आती है। उन्होंने
प्रदेश में बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि सपा मुखिया ने जिस तरह
का बयान जारी किया, उससे साबित हो रहा कि उनकी उम्र व स्वास्थ्य ठीक नहीं।
उन्हें अपने पद से त्याग पत्र देकर किसी जिम्मेदार के हाथ कमान सौंप देनी
चाहिए।
उन्होंने एक सीडी दिखाते हुए सुरसा थाने में लगे जाम पर सीओ
सिटी की भूमिका पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि उनके रहते पीड़ित परिवार
को न्याय नहीं मिल सकता। उन्हें बदलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले
में सपा के बंधुुआ मजदूर के रूप में पुलिस कार्य कर रही है।