हरदोई / हरियावां । हरियावां के सामुदायिक केंद्र के पास भारी मात्रा में एक्सपायरी दवाओं का जखीरा बरामद होने से हड़कंप मच गया । ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंचे सीएमओ ने मामले को गंभीर बताया है । उधर सूत्राें का कहना है कि 70 गत्तों से अधिक बरामद हुई एक्सपायरी दवाओं का मामला एनएचआर घोटाले से जुड़ा हो सकता है । सनद रहे के घोटाले के मामले में सीबीआई की देहरादून की टीम कई बार जिले में आकर जांच पड़ताल कर चुकी है।
हरियावां सीएचसी परिसर मेें मरीजों को ज्यादातर दवाएं बाहर से लिखी जाती हैं। शुक्रवार शाम सीएचसी परिसर के एक कमरे में दवाएं रखी दिखीं। कुछ दवाएं बाहर पड़ी थीं। ग्रामीणों की सूचना पर प्रधान प्रतिनिधि पुनीत मिश्रा कुछ ग्रामीणों के साथ सीएचसी पहुंच गए। उन्होेंने दवाएं देखीं तो वह एक्सपायरी डेट की थीं। इस पर ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। मामले की सूचना सीएमओ एके श्रीवास्तव को दी गई। देर शाम सीएमओ भी सीएचसी पहुंच गए और जांच शुरू की।
अस्पताल के कमरे में 70 गत्ते से अधिक अलग-अलग रोगों में काम आने वाली दवाएं थीं। इसमें कुछ दवाएं 2013, कुछ 2014 और कुछ 215 में एक्सपायरी हो चुकी हैं। सीएचसी प्रभारी पीएल पवार और अस्पताल के फार्मासिस्ट एनआरएचएम घोटाले की सीबीआई जांच के मामले में देहरादून तलब किए गए हैं। फिलहाल अस्पताल में दूसरे फार्मासिस्ट की ड्यूटी लगाई गई है। सीएमओ डॉ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि दवाओं सूची बनाई जारही है। दवाएं कब सप्लाई की गईं और इन्हें मरीजों को क्यों नहीं बांटा गया, इसकी जांच कराई जा रही है। मामले में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में सीएचसी प्रभारी पीएल पवार ने बताया कि जो दवाएं आदि मिली हैं वो पुराने भवन के कमरे में थीं। उन दवाओं से हमारा कोई लेना देना नहीं है। वहां दवाएं कब से रखीं हैं इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है। विभागीय काम से देहरादून में हैं। वापस आने पर ही जानकारी देंगे।